बनबसा (चंपावत)। अपनी मां के साथ स्कूटी पर स्कूल जा रही आठ वर्षीय छात्रा को दस टायरा ट्रक ने कुचल दिया। टनकपुर स्थित उप जिला चिकित्सालय ले जाने पर उसने दम तोड़ दिया। हादसा सोमवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग पर पचपकरिया गांव के पास हुआ।
पुलिस के मुताबिक पचपकरिया के संतोष कॉलोनी निवासी हरली देवी पत्नी उमेश जोशी अपनी आठ वर्षीय पुत्री नेहा जोशी को सोमवार सुबह अपनी स्कूटी से मैक्स्टन स्टांग स्कूल छोड़ने जा रही थी। गांव के पास ही खटीमा की ओर जा रहे ट्रक से स्कूटी टकरा गई जिससे बच्ची ट्रक की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे उपचार के लिए टनकपुर उपजिला चिकित्सालय भिजवाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह जगवाण ने बताया कि ट्रक को कब्जे में लेकर चालक को पूछताछ के लिए थाने में बैठाया गया है। तहरीर मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाऐगी। उधर टनकपुर कोतवाली पुलिस ने मृतक छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। संवाद
छात्रा की मौत से शोक
बनबसा (चंपावत)। मैक्सटन स्टांग स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा नेहा जोशी मेधावी छात्रा थी। स्कूल के निदेशक क्लिफ्टन शिप्वे ने बताया कि नेहा टाॅपर छात्रों में शामिल थी। सड़क हादसे में उसकी मौत होने का समाचार मिलने से स्कूल में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानाचार्य डेविड चिरागदीन ने बताया कि स्कूल में शोकसभा कर अवकाश कर दिया गया। उधर पचपकरिया के प्रधान महेश मुरारी ने बताया कि छात्रा की मौत से पूरे पचपकरिया गांव एवं संतोष कॉलोनी में शोक छाया हुआ है। संवाद
होनहार नेहा की मौत से बिखर गए सपने
बनबसा (चंपावत)। हादसे में छात्रा नेहा की मौत से परिवार के सपने बिखर गए। तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली आठ वर्षीय नेहा मेधावी थी। पचपकरिया गांव एवं संतोष कॉलोनी के लोग शोकाकुल हैं। किसे पता था कि रोजाना मां के साथ स्कूटी पर स्कूल जाने वाली नेहा सोमवार को स्कूल ही नही पहुंच पाएगी। उसकी मां हरली देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। उनके आंसू थमने का नाम नही ले रहे हैं।
नेहा तीसरी कक्षा की मेधावी छात्रा थी। उसकी दो बड़ी बहनें एवं एक छोटा भाई है। सबसे बड़ी बहन शिवानी जोशी बनबसा सेना छावनी स्थित केवि क्रमांक एक में ग्यारहवीं की छात्रा है जबकि दूसरी बहन हिमानी जोशी खटीमा के एक स्कूल में नवीं कक्षा में पढ़ती है। ढाई वर्षीय छोटा भाई कपिल जोशी अभी स्कूल जाने लायक नही है। नेहा हमेशा अपनी कक्षा में अव्वल आती थी। उसकी मौत से उसके सहपाठी भी सदमे में हैं। नेहा के पिता दिल्ली में किसी कंपनी में काम करते हैं। बच्चों को पढ़ा लिखाकर काबिल बनाने का सपना लिए जोशी परिवार का सपना सोमवार को हुए सड़क हादसे में बिखर गया। मेधावी बेटी को वह उच्च शिक्षा दिला काबिल बनाना चाहते थे। संवाद
राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो साल में जा चुकी हैं पांच जानें
बनबसा (चंपावत)। बनबसा में एनएच पर सोमवार को जिस जगह सड़क हादसे में आठ वर्षीय छात्रा की मौत हुई है वह क्षेत्र डेंजर जोन बन चुका है। पिछले वर्ष से इस जगह के आसपास दुर्घटना में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है। इधर होली पर्व के बाद शुरू होने वाले श्री मां पूर्णागिरि धाम मेले में बाहर से आने वाले वाहनों की तीव्र गति पर नकेल कसना प्रशासन के लिए चुनौती रहेगा।
चंपावत के प्रवेश द्वार बनबसा के जगबूड़ा पुल से टनकपुर के ककरालीगेट तक एनएच के दोनों ओर गांव एवं आबादी क्षेत्र है। बनबसा में जगबूड़ा पुल से महाराणा प्रताप गेट तक आठ स्कूल हैं। थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह जगवाण ने बताया कि पिछले वर्ष 22 जून को बनबसा थाने की महिला दरोगा विजय लक्ष्मी को थाने के गेट के निकट ही एक वाहन ने रौंद दिया था जिसमें उनकी मौत हो गई थी। पिछले वर्ष इस मार्ग पर दो मौतें सड़क दुर्घटना में हुई हैं। इस वर्ष अब तक इस मार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं में तीन मौतें हो चुकी हैं। पुलिस विभाग की ओर से जगह- जगह सड़क पर लगाए गए बैरियर भी कारगर साबित नही हो रहे हैं। संवाद