देवीधुरा के आषाढ़ी कौतिक बग्वाल मेेले का शुभारंभ बृहस्पतिवार को होगा। 13 दिनों तक चलने वाले मेले का उद्घाटन वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत करेंगे। बग्वाल सात अगस्त को होगी। बुधवार को पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मेला कमेटी अध्यक्ष खीम सिंह लमगड़िया ने बताया कि बग्वाल मेले की बेहतर व्यवस्थाओं को लेकर युवाओं की अलग-अलग टीमें बनाई गई है। पाटी के एसओ प्रेम विश्वकर्मा ने बताया कि सुरक्षा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गयी है। पुलिस ने देवीधुरा में बने अस्थाई पुलिस थाने में बाहर से आने वाले व्यक्तियों का पंजीकरण किया गया। मेले में शांति और सुरक्षा व्यवस्था के लिए देवीधुरा में पर्याप्त पुलिस फोर्स पहुंच चुकी है।
मेला कमेटी के कोषाध्यक्ष आचार्य कीर्ति बल्लभ जोशी ने बताया कि बृहस्पतिवार को मेले के उद्घाटन के बाद शुभलग्नानुसार सायं चार बजे सांगी पूजन भी किया जाएगा। जिसमें चार खाम एवं सात थोकों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। चम्याल खाम से गंगा सिंह चम्याल, गहरवाल खाम से त्रिलोक सिंह बिष्ट, लमगड़िया खाम से वीरेंद्र सिंह लमगड़िया, वालिक खाम से बद्री सिंह के अलावा श्रीगुरु त्रिलोक सिंह बिष्ट, धर्मानंद पुजारी, हरी दत्त पुजारी, चतुर सिंह चौहान मौजूद रहेंगे। मेले की व्यवस्थाओं में खीम सिंह लमगड़िया, गोपाल पंतोला, हरीश पांडेय, जशौद पांडेय, भुवन चंद्र जोशी, डॉ.विष्णु दत्त भट्ट, नरेंद्र नाथ गोस्वामी, गौरव सिंग्वाल, हरीश चम्याल, दिवान सिंह बिष्ट, तारा सिंह चम्याल आदि जुटे हुए हैं।
बारिश से हुई परेशानी
देवीधुरा क्षेत्र में बुधवार अपरान्ह मूसलाधार बारिश हुई। इससे आयोजकों को तैयारियों को अंतिम रूप देने में परेशानी का सामना करना पड़ा। लोनिवि ने बग्वाली मैदान का समतलीकरण करने के साथ नालियां खोली। पूरे मेला क्षेत्र में पुख्ता विद्युत व्यवस्था कर दी गई है। मेले में आए व्यापारियों को केरोसीन न मिल पाने से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जीर्ण-शीर्ण भवनों का चिन्हीकरण किया
मेला प्रशासन और मंदिर कमेटी ने सुरक्षा की दृष्टि से जीर्ण शीर्ण हो चुके तीन भवनों का चिन्हीकरण किया है जिससे उन भवनों में अधिक भार नहीं दिया जाएगा। मुख्य मेले बग्वाल के दिन लोग बग्वाल देखने के लिए मकानों की छतों पर बैठते हैं। इस साल प्रशासन ने ऐसे मकानों को चिन्हीकृत कर इस पर नजर रखने के लिए सुरक्षा बल लगाने की बात कही है।