मंच/चंपावत। सीमांत क्षेत्र मंच में बीती 20 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई। मंच निवासी पूजा पत्नी महेंद्र सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन नजदीकी डिलीवरी सेंटर मंच लेकर पहुंचे। वहां तैनात एएनएम दीपू राणा मौजूद नहीं मिलीं।
परिजनों के अनुसार सुबह करीब पांच बजे एएनएम को फोन किया गया। इस पर उन्होंने 10 बजे आने की बात कही। प्रसूता की हालत बिगड़ने पर सुबह सा बजे पूजा को मंच अस्पताल पहुंचाया लेकिन वहां एएनएम से संपर्क नहीं हो सका। करीब आठ बजे फोन उठने पर एएनएम ने यह कह कर जिम्मेदारी टाल दी कि मेरी स्टाफ नर्स से कहो, वही डिलीवरी करवा देंगी। प्रसूता की हालत गंभीर होने पर मजबूरी में सेवानिवृत्त हो चुकीं एएनएम पार्वती भंडारी ने मानवता दिखाते हुए प्रसव कराया। परिजन रविंद्र महर ने सवाल उठाया कि अगर प्रसूता और नवजात को कोई नुकसान होता तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कोट
मेरी पत्नी को बहुत ज्यादा पीड़ा हो रही थी। हम बार-बार एएनएम को फोन करते रहे लेकिन वह नहीं आई। अगर सेवानिवृत्त पार्वती भंडारी समय पर मदद नहीं करतीं तो न जाने क्या होता। सरकारी अस्पताल में यह हाल है, ऐसे में आम आदमी कहां जाएगा। - महेंद्र सिंह, प्रसूता के पति
दिसंबर में मैं पत्नी को चेकअप के लिए मंच प्रसव केंद्र ले गया था। उस दिन भी एएनएम मौजूद नहीं थी। मजबूरी में हमें निजी वाहन बुक कर जिला मुख्यालय जाना पड़ा। अगर हमारे पास साधन न होते तो बड़ी परेशानी हो सकती थी। - धर्मेंद्र जोशी, निवासी रेसंग
मामला संज्ञान में आया है। प्रसूता और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। घटनाक्रम की जानकारी ली जा रही है। संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। लापरवाही पाए जाने पर विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो इसके लिए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा। - डॉ. देवेश चौहान, सीएमओ, चंपावत