टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच चौड़ीकरण को लेकर भूमि अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी किए जाने पर नगरपालिका के छतार वार्ड के नागरिक भड़क गए हैं। उनका कहना है कि इस मामले में पूर्व में जिला प्रशासन के समक्ष दर्ज कराई गई आपत्ति को दरकिनार किया गया है।
वार्ड के निवासियों का कहना है कि 12 जून 2016 को एनएच अधिनियम के तहत एनएच चौड़ीकरण की सर्वे के लिए अधिसूचना जारी की गई थी, जिस पर मुडियानी के बाद चंपावत शहर को छोड़ कर नगरपालिका के छतार वार्ड को चौड़ीकरण के लिए चिह्नित किया जाना था, लेकिन नागरिकों ने तत्कालीन अपर जिलाधिकारी जेएस राठौर के समक्ष लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी।
उसके बाद प्रशासन की ओर से एक समिति का गठन किया था, जिसमें एनएच डिवीजन के अभियंताओं के साथ ही वन और राजस्व विभाग के प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। समिति ने छतार पुनेठी का स्थलीय निरीक्षण कर किसी के भी मकान को न तोड़ने का भरोसा दिलाया था, लेकिन आठ मई को जारी नई अधिसूचना में एक बार फिर से छतार और पुनेठी की भूमि अधिग्रहीत करने की बात कही गई है।
पूर्व सैनिक मोतीराम तिवारी, गौरीशंकर जोशी, एलपी पाठक, नवीन चंद्र, एससी जोशी आदि नागरिकों का कहना है कि एनएच के विस्तारीकरण में जिला मुख्यालय में केवल छतार पुनेठी वार्ड के 40-45 परिवारों की भूमि और मकान प्रभावित होंगे। इस क्षेत्र में अधिकांश पूर्व सैनिक, अर्धसैनिक और राज्य कर्मचारियों के परिवार निवास करते हैं।
यदि अधिसूचना के अनुरूप सड़क के लिए भूमि अधिग्रहीत की गई तो कई परिवार बेघर हो जाएंगे। उनका कहना है कि नागरिकों की मांग थी कि प्रस्तावित राकड़ी फुलारा से डिप्टेश्वर मंदिर वाले एनएच को पूल्ड आवास क्षेत्र से तिलौन तोक में एनएच पर मिलाया जाए, जिसमें कोई भी आवासीय मकान वर्तमान में नहीं बना है।
तो केवल छतार पुनेठी के मकान होंगे प्रभावित
चंपावत। नगरपालिका के छतार वार्ड नागरिकों का कहना है कि पूर्व में एनएच चौड़ीकरण का प्रस्ताव मुख्य मार्ग से ही था, जिसमें अधिकांश मकान प्रभावित होने और कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण एनएच के समरेखन में राकड़ी फुलारा से छतार, डिप्टेश्वर मंदिर के निकट से होते हुए पुनेठी छतार क्षेत्र को शामिल किया गया है। एनएच चौड़ीकरण कार्य में केवल छतार पुनेठी के लोगों के मकान ही प्रभावित हो रहे हैं।
डीपीआर में शामिल की जाएगी नागरिकों की आपत्ति
चंपावत। एनएच डिवीजन के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला का कहना है कि एनएच के संबंध में यह अधिसूचना का अंतिम प्रकाशन नहीं है, यदि पुनेठी छतार के नागरिकों ने पूर्व में आपत्ति दर्ज कराई है तो वह संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में अवश्य शामिल की जाएगी। साथ ही बाईपास की संभावनाओं को तलाशा जाएगा। उनका कहना है कि यदि किसी आवासीय मकान को तोड़ना आवश्यक हुआ तो उसका नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।