लोहाघाट (चंपावत)। गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर आर्गेनाइजेशन की बैठक में गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को दूर करने की पुरजोर मांग उठी। पेंशनरों ने उपचार के दौरान गोल्डन कार्ड का लाभ न मिलने पर सरकार के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई।
पालिका सभागार में मंगलवार को आर्गेनाइजेशन के जिलाध्यक्ष हयात सिंह तड़ागी की अध्यक्षता और प्रदेश महामंत्री बची सिंह रावत के संचालन में पेंशनरों की समस्याओं को लेकर बैठक हुई। जिलाध्यक्ष तड़ागी ने आरोप लगाया कि सरकार की लचर व्यवस्था के कारण पेंशनर्स को अस्पताल में सही उपचार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि सीजीएचएस की दरों पर भी चयनित अस्पताल में उपचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो पेंशनर्स गोल्डन कार्ड योजना में शामिल नहीं हैं उन्हें पुरानी स्वास्थ्य व्यवस्था प्रतिपूर्ति जल्द लागू की जाए।
उन्होंने कहा जिन्होंने गोल्डन कार्ड का विकल्प नहीं भरा था, उनसे एकमुश्त की गई वसूली को तत्काल वापस किया जाए। साथ ही पेंशनर्स से गोल्डन कार्ड में मासिक अंशदान पेंशन का 50 फीसदी और पारिवारिक पेंशनर्स से 30 फीसदी लेने की मांग उठाई। पेंशनरों ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप जनवरी 2016 से 50 फीसदी पेंशन निर्धारित शासनादेश लागू करने की मांग भी की। पेंशनर्स ने मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में प्रहलाद सिंह मेहता, रमेश चंद्र पंत, बीडी कलौनी, लक्ष्मी दत्त उप्रेती, रमेश चंद्र पाटनी, अंबी राम, माघी राम, बीडी राय, नाथू राम राय आदि मौजूद रहे।