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दैवीय आपदा के मानकों मे संशोधन कर लोगों को दी जाए राहत

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चंपावत के छुलापै गांव में आपदा पीड़ितों से मुलाकात करते पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुडिय़ा? - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। जिले के विभिन्न स्थानों में बीते दिनों में हुई अतिवृष्टि से जहां खेती योग्य भूमि बह गई है, वहीं लोगों के मकान ध्वस्त होने, आंगन और खेतों की सुरक्षा दीवार ध्वस्त होने के साथ कई अन्य प्रकार के नुकसान झेलने पड़ रहे हैं। इस संबंध में आपदा प्रभावित ग्रामीणों ने दैवीय आपदा के मानकों में संशोधन कर लोगों को राहत दिए जाने की मांग उठाई है।
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भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया के नेतृत्व में ग्रामीणों ने डीएम विनीत तोमर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। कहा कि है भारी बारिश के कारण प्राकृतिक संपदा के साथ ही निजी और सरकारी परिसंपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है। जबकि आपदा राहत के नियमों के तहत लोगों का पूरा मकान ध्वस्त होने पर ही कुछ धनराशि पीड़ित को दी जाती है। जिले के रीठासाहिब, भिंगराडा, पाटी, चौड़ाकोट, मूलाकोट, देवीधुरा, खेतीखान, मध्य गंगोल, बाराकोट, बरदाखान, पुल्ला, किमतोली, रौसाल, दिगालीचौड़, चमदेवल, पंचेश्वर आदि स्थानों पर लोगों की व्यक्तिगत परिसंपत्तियों को काफी नुकसान हुआ है। जिन्हें दैवीय आपदा मानकों में संशोधन कर राहत दी जाए। ज्ञापन देने वालों में दीवान राम, मनोज कुमार, कृष्ण राम, ललित राम, गणेश राम, उर्मिला, बसंती, नरेश लाल, कलावती देवी, कल्याण सिंह, महा सिंह, पवन सिंह, श्याम सिंह, मदन सिंह, दीपा माहरा, माधो सिंह, नवीन सिंह सहित तमाम ग्रामीण शामिल रहे।
छुलापै में सुरक्षा दीवार नुकसान की भरपाई की मांग
चंपावत। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया ने बाराकोट विकासखंड के छुलापै में आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। यहां हिमांशु पंत और महेश पंत की ओर से भारी बारिश के कारण मकान की सुरक्षा दीवार ध्वस्त होने की जानकारी दी गई। उन्होंने सड़क से लगे मकानों की सुरक्षा दीवार के नुकसान की भरपाई की मांग उठाई है। इस संबंध में डीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया।(संवाद)
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