राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गंभीर बीमारी में हायर सेंटर के लिए रेफर किए जाने वाले बच्चों और मरीजों के साथ आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री या कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारी को आवश्यक रूप से साथ जाना होगा। यह निर्देश सोमवार को डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने जिला स्तरीय परिवार कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
डीएम ने कहा डॉक्टर का दायित्व मरीज को हायर सेंटर रेफर करने तक ही सीमित न रहे, इसलिए मरीज की जांच से लेकर हायर सेंटर में भर्ती होने तथा वहां चल रहे इलाज की भी समय-समय पर जानकारी लेते रहें। उन्होंने एनीमिया से पीड़ित बालिकाओं को चिन्हित करने हेतु पायलट प्रोजेक्ट के तहत शीघ्र ही सरकारी तथा प्राइवेट स्कूलों सहित आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत छात्राओं का हीमोग्लोबिन टेस्ट कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने 108 आपातकालीन सेवा की समीक्षा के दौरान गाड़ियों के संचालन की लगातार निगरानी करने तथा जो भी कमी हो उसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने के निर्देश दिए। बैठक में एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके जोशी, एसीएमओ डॉ. केसी ठाकुर आदि उपस्थित थे।