पहाड़ पर पर्याप्त बारिश नहीं होने से इन दिनों शारदा नदी का जल स्तर घट गया है। इस कारण यूपी में सिंचाई प्रभावित होने के साथ ही लोहियाहेड और एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन में विद्युत उत्पादन भी घटा है। इन दिनों नदी का जलस्तर 4835 क्यूसेक है। पहाड़ पर बर्फ पिघलने पर अप्रैल के दूसरे सप्ताह के बाद जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
बरसात में उफान पर रहने वाली शारदा नदी में इन दिनों काफी कम पानी प्रवाहित होने से जहां यूपी में सिंचाई प्रभावित हो रही है, वहीं क्षेत्र के पावर हाउसों में विद्युत उत्पादन भी कम हो रहा है। बुधवार को नदी का जलस्तर 4835 क्यूसेक पहुंच गया है, जो दिसंबर 2016 में साढ़े पांच हजार क्यूसेक के करीब था। नदी का जलस्तर कम होने से एनएचपीसी के पावर हाउस और लोहियाहेड पावर हाउस का उत्पादन कम हुआ है। इन दिनों लोहियाहेड में करीब 12 मेगावाट विद्युत दोहन किया रहा है, जो बरसात में 40 मेगावाट से अधिक था।
टनकपुर पावर हाउस में 30 मेगावाट विद्युत उत्पाद किया जा रहा है, जबकि अक्तूबर तक 98 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बीएस यादव ने बताया कि 15 जून के बाद नदी का जलस्तर पर्याप्त मात्रा में बढ़ने से विद्युत उत्पादन में तेजी आएगी। बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव के मुताबिक शारदा में अप्रैल तक जलस्तर कम ही रहेगा। नदी में कम जलस्तर से शारदा नहर में भी कम पानी प्रवाहित होने से यूपी में सिंचाई प्रभावित होती है। बताया कि 11500 क्यूसेक क्षमता वाली शारदा नहर में इन दिनों 4665 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। नेपाल प्रशासन द्वारा मांग न किए जाने से नेपाल चैनल में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है।