आखिर चौबीस घंटों बाद मंगलवार को दोपहर बाद शारदा का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने के साथ ही शारदा बैराज पर से रेड अलर्ट हटा लिया गया। इसके बाद बैराज से वाहनों का संचालन पूर्व की भांति शुरू हो गया, जिससे वाहन स्वामियों और मजदूर वर्ग ने राहत की सांस ली। शारदा का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से बढ़ने के कारण सोमवार दोपहर दो बजे से शारदा बैराज पर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया था, जो मंगलवार को दो बजे तक जारी रहा। मंगलवार को दो बजे बाद नदी का जलस्तर कम होने के बाद दो बजे बाद शारदा बैराज प्रशासन ने रेड अलर्ट हटा बैराज से वाहनों का संचालन शुरू कर दिया।
इससे पहले मंगलवार सुबह सात बजे शारदा का जलस्तर 1.45 लाख क्यूसेक था। बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार दोपहर एक बजे नदी का जलस्तर 94 हजार क्यूसेक पहुंच गया था। बैराज से आवागमन शुरू हाने से वाहन चालकों, ई-रिक्शा चालकों और मजदूर वर्ग ने राहत की सांस ली। बता दें कि बैराज से आवागमन बंद होने से भारत नेपाल के बीच फेरी लगाने वालों के अलावा सवारी ढोने वालों की रोजी रोटी प्रभावित हुई थी।
पिछले चौबीस घंटों में हुई 40 एमएम वर्षा
बनबसा (चंपावत)। पिछले चौबीस घंटों में बनबसा में 40 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई। यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार अबतक क्षेत्र में 403 एमएम वर्षा हो चुकी है।
भू-कटाव से स्यांला में मकान की चहारदीवार ढही, हादसा बचा
टनकपुर (चंपावत)। बारिश से श्यामलाताल के स्यांला गांव में डॉ. वीके जोशी के मकान की चहारदीवारी ढह गई। डॉ. जोशी ने बताया कि घटना के वक्त दीवार के आसपास कोई नहीं था, नहीं तो हादसा हो सकता था।