तीन दिन पहले बाजार से चोरी हुई बाइक की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं हुई और बाइक लावारिस हालत में खड़ी मिल भी गई। यह बाइक टनकपुर-चंपावत एनएच पर सूखीढांग के पास से बरामद हुई है। बाइक चोरी की इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े किए हैं। पुलिस तीन दिन से बाइक की सुरागकशी में तो लगी रही, लेकिन बाइक स्वामी के तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की थी।
मंगलवार देर शाम शहर के एक खनन कारोबारी के प्रतिष्ठान के पास से चोरी हुई बाइक (यूके 03 ए/4738) बृहस्पतिवार को बरामद हो गई, लेकिन इसमें चोरी की घटना के प्रति पुलिस की लापरवाह कार्यप्रणाली सामने आई है। पहले तो बाइक स्वामी ने घटना के तुरंत बाद ही पुलिस को फोन से सूचना दे दी थी। फिर अगले दिन बाइक स्वामी ने कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन घटना के दो दिन बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की थी। बृहस्पतिवार को बाइक बरामदगी के बारे में पहले कोतवाल से फोन पर संपर्क कर जानकारी जाननी चाही, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। जब कोतवाली के लैंडलाइन फोन पर कॉल की गई तो बताया गया कि यहां तो बाइक चोरी की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं है। अलबत्ता यह जरूर बताया गया कि किसी बाइक स्वामी ने लिखित तौर पर सूचित किया है कि उसकी बाइक चोरी हो गई थी, जो सूखीढांग क्षेत्र से बरामद हो गई है।