चंपावत। दीपावली की शाम भाजपा ने चंपावत के जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के रूप में प्रीति पाठक के नाम का एलान किया। लिस्ट जारी होने के साथ ही रविवार रात से भाजपा में बवाल मचना शुरू हो गया। नौबत खुले तौर पर बगावत की आ गई। खुद लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के नाम पर एतराज जताया और प्रदेश संगठन से बात कर निर्णय को बदलने का आग्रह किया। रात से लेकर सोमवार शाम तक विधायक आवास में हुई बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने प्रत्याशियों की राय का सम्मान करने का आग्रह किया। दस सदस्यों ने प्रत्याशी नहीं बदले जाने की सूरत में ज्योति राय को निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में उतारने का एलान किया गया।
भाजपा ने राईकोट कुंवर सीट से जिला पंचायत सदस्य बनीं प्रीति पाठक को जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए प्रत्याशी बनाया है। मगर इससे न विधायक सहमत थे और नहीं अधिकांश जिला पंचायत सदस्य। प्रत्याशी के नाम की घोषणा होने के चंद घंटे बाद रविवार रात को जिला पंचायत सदस्यों का विधायक के कर्णकरायत स्थित आवास में जुटना शुरू हो गया। इसके बाद सोमवार शाम तक हुई बैठक में सदस्यों से और मंत्रणा की गई। इस विचार मंथन में सभी सदस्यों ने एक राय से घोषित प्रत्याशी के नाम को निरस्त कर पैनल में भेजे गए अकेले नाम ज्योति राय को प्रत्याशी बनाने की मांग की। खुद विधायक पूरन सिंह फर्त्याल का कहना था कि नामों के चयन के लिए आए पार्टी के पर्यवेक्षक वन विकास निगम के अध्यक्ष सुरेश परिहार ने सदस्यों से मंत्रणा करने के बाद एक ही नाम ज्योति राय का प्रदेश संगठन को भेजा था। ऐसे में नए नाम को अध्यक्ष पद के प्रत्याशी बनाए जाने से सदस्यों में गहरी नाराजगी उभर रही है। बैठक में विजय बोहरा, ललित मोहन कुंवर, हरीश राम, सुरेंद्र सामंत, केशर सिंह, प्रकाश राय, मन मोहन बोहरा, सीमा विश्वकर्मा, रेखा गोस्वामी आदि मौजूद थे।
विद्रोह न हुआ, तो तय है भाजपा की जीत
चंपावत। 15 सदस्यीय चंपावत जिला पंचायत का समीकरण पूरी तरह भाजपा के पक्ष में है। 15 सदस्यों में से भाजपा के आठ प्रत्याशी जीते हैं। इसके अलावा भाजपा पृष्ठभूमि के दो निर्दलीय और एक भाजपा के विद्रोही चुनाव जीते हैं। इन्हें मिलाकर भाजपा के पास कुल 11 सदस्य हैं। ऐसे में राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा की जीत एकदम तय है। लेकिन प्रत्याशी को लेकर शुरू हुई बगावत ने नया पेंच पैदा कर दिया है। अगर प्रत्याशी विवाद न सुलझा, तो भाजपा के सामने नई चुनौती आ सकती है।
फिर बदलेगा प्रत्याशी!
चंपावत। एक माह पूर्व ही जिला पंचायत सदस्य की धूरा सीट से भाजपा ने 24 घंटे में प्रत्याशी बदला था। धूरा सीट से पार्टी ने पहले पूर्व प्रधान हेमा कनवाल को प्रत्याशी बनाया। मगर विरोध होने पर उन्हें बदलकर पूजा भट्ट को प्रत्याशी बनाया गया। तब हेमा कनवाल बागी प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरी थी। चुनाव में न कनवाल जीती और नहीं पूजा भट्ट। इस सीट से एकदम नई प्रत्याशी दीपा जोशी ने बाजी मारी थी। सूत्र बताते हैं कि इस बार भी अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को बदलने की प्रबल संभावना है।
कोट
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के भाजपा के प्रत्याशी के लिए तमाम सदस्यों से पार्टी पर्यवेक्षक द्वारा ली गई रायशुमारी में एकमात्र ज्योति राय का नाम सामने आया था। इसे लेकर किसी तरह का संशय नहीं था। जिला स्तर से प्रदेश संगठन को एक ही नाम ज्योति राय का गया था। ऐसे में यहां से भेजे नाम के अलावा दूसरे नाम को अध्यक्ष प्रत्याशी बनाना सदस्यों की भावना का अपमान है।
पूरन सिंह फर्त्याल, विधायक, लोहाघाट।
चंपावत जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को लेकर असंतोष की जानकारी मिली है। भाजपा लोकतांत्रिक पार्टी है। हर नेता को अपनी बात कहने का अधिकार है। सभी पक्षों से वार्ता कर प्रदेश संगठन पार्टी के हित में उचित निर्णय लेगा।
राजेंद्र भंडारी, प्रदेश महामंत्री, भाजपा।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पार्टी द्वारा उनके नाम का एलान करना उनके लिए गर्व की बात है। इसके लिए वह पार्टी आलाकमान का आभारी हैं। साथ ही वह लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, जिला पंचायत के निर्वाचित सदस्याओं और पार्टी के जिला संगठन की राय का सम्मान करेंगी। उनके स्तर से जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसे शिरोधार्य करेंगी।
प्रीति पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी।
भाजपा प्रत्याशी प्रीति पाठक का प्रोफाइल
चंपावत। जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी बनाई गईं प्रीति पाठक पहली बार जिला पंचायत सदस्य बनी हैं। उन्होंने राईकोट कुंवर सीट से निर्दलीय अनीता प्रथोली को 1465 वोटों से शिकस्त दी। 26 वर्षीय प्रीति बीएससी, एमए हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े उनके पति मोहित पाठक निर्विरोध ग्राम प्रधान बने हैं। वे पूर्व में भी लोहाघाट छात्रसंघ में पहले निर्विरोध महासचिव चुने गए थे। माना जा रहा है कि मोहित पाठक की व्यहार कुशलता और आरएसएस से निकटता की वजह से प्रीति पाठक को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है।
ज्योति राय को है विधायक का समर्थन
चंपावत। जिला पंचायत की रैघांव सीट से सबसे ज्यादा 2771 वोटों से विजयी रहीं ज्योति राय को अधिसंख्यक सदस्यों का समर्थन है। एमए पास ज्योति पहली बार जिला पंचायत सदस्य बनी हैं। उनके पति प्रकाश राय 2014 के चुनाव में जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी से चुनाव हारे थे। प्रकाश राय को विधायक पूरन सिंह फर्त्याल का करीबी माना जाता है।
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जिला पंचायत के हर चुनाव में धुरी रहे मौजूदा विधायक
चंपावत। सबसे छोटे जिले चंपावत जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हर बार विवादास्पद रहा है। 1998 में हुए पहले चुनाव का मामला तो सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा था। जिला पंचायत के हर चुनाव में मौजूदा विधायक पूरन सिंह फर्त्याल धुरी रहे हैं। इस बार भाजपा के भीतर की हलचल में उनकी विधानसभा सीट लोहाघाट के ही जिला पंचायत सदस्यों की बगावत है।
विधायक फर्त्याल खुद दो बार 1997 व 2003 में जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। अध्यक्ष पद के पहले चुनाव में वे कांग्रेस से न केवल प्रबल दावेदार थे, बल्कि उन्हें अधिक सदस्यों का समर्थन भी था। मगर उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया गया। 2003 के अध्यक्ष पद के चुनाव में वे ललित मोहन पांडेय से हार गए। अधिक समर्थन के बावजूद यहां भी भाजपा ने टिकट नहीं दिया। 2008 में फर्त्याल जनकांडे से और उनकी पत्नी सुषमा फर्त्याल पाटन-पाटनी से सदस्य का चुनाव हार गए। 2014 के चुनाव में उनकी पत्नी सुषमा फर्त्याल अध्यक्ष की कुर्सी की लड़ाई खुशाल सिंह अधिकारी के हाथों हार गई।