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महिलाओं की मेहनत का मिलेगा वाजिब मूल्य:गहतोड़ी

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चंपावत दुग्ध संघ में प्रतिनिधियों को सम्मानित करते विधायक कैलाश गहतोड़ी। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। जिला मुख्यालय के जूप पटवा स्थित दुग्ध संघ प्रधान कार्यालय में बृहस्पतिवार को वार्षिक सामान्य निकाय अधिवेशन का आयोजन किया गया। इस मौके पर दुग्ध संघ की ओर से बीते तीन साल में किए गए कार्यों का लेखा जोखा पेश किया गया। मुख्य अतिथि विधायक कैलाश गहतोड़ी ने कहा कि दुग्ध उत्पादन के कार्य में लगी महिलाओं की मेहनत को वाजिब मूल्य दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुग्ध संघ काश्तकारों की आय को दोगुना करने में कामयाब रहा है। उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने वाली समितियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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दुग्ध संघ अध्यक्ष पार्वती देवी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में राज्य सहकारिता परिषद के उपाध्यक्ष हयात सिंह माहरा ने कहा कि दुग्ध उत्पादकों के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। प्रत्येक काश्तकार को योजनाओं का लाभ मिलना आवश्यक है। प्रबंधक राजेश मेहता ने कहा कि जिले में दुग्ध उत्पादन ने संघ ने नए रिकार्ड स्थापित किए हैं। अपर निदेशक एनएस डुंगरियाल ने कहा कि दुग्ध संघ के काश्तकारों और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत का फल है कि आज संघ राज्य में अलग पहचान बना पाया है। इस दौरान दुग्ध संघ की ओर से कई प्रस्ताव भी पारित किए गए। मुख्य अतिथि की ओर से विभिन्न मार्गो में अच्छा प्रदर्शन करने वाले दुग्ध उत्पादकों को सम्मानित किया।
अधिवेशन में ये रहे मौजूद
चंपावत। दुग्ध संघ के अधिवेशन में जिला पंचायत सदस्या सरिता बोहरा, मनमोहन बोहरा, भाजपा नेता श्याम नारायण पांडेय, शंकर दत्त पांडेय, कृष्णा जोशी, कैलाश अधिकारी, दीपक मुरारी, मुकेश कलखुड़िया, नवीन तड़ागी, देवीदत्त जोशी, देव गिरि, जोध सिंह, पीयूष जोशी, नंदन तड़ागी, बाबा आदित्य दास, नारायण सिंह गैड़ा, बसंत सिंह तड़ागी, मनोज तड़ागी सहित सभी दुग्ध समितियों के प्रतिनिधि सदस्य मौजूद रहे। संवाद
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दुग्ध समिति सचिवों ने प्रवेश न मिलने पर काटा हंगामा
चंपावत। वार्षिक अधिवेशन में प्रवेश न दिए जाने पर दुग्ध समिति सचिवों ने हंगामा काटा। उनका कहना था कि कार्यक्रम में अनावश्यक रूप से खर्च किया जा रहा पैसा गरीब उत्पादकों की मेहनत की कमाई है। दुग्ध समितियों को दूध का भुगतान दो माह की देरी से किया जा रहा है, जिस कारण समितियां उत्पादकों को बोनस नहीं बांट पा रही हैं। इसके अलावा समितियों को मिलने वाले सुविधाएं भी समय से नहीं दी जा रही हैं। हंगामा काटने वालों में विमला लोहिया, चंद्र बल्लभ भट्ट, अनीता खेतारी, विक्रम सिंह, विकास कुमार आदि शामिल रहे। संवाद
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