लोहाघाट के देवीधार महोत्सव में माँ भगवती मंदिर की ओर प्रस्थान करते रायनगरचौडी के देव डांगर।
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लोहाघाट (चंपावत)। कोरोना के चलते देवीधार महोत्सव में पहली बार मां भगवती, मां महाकाली की डोली रथयात्रा नहीं निकल सकीं। अलबत्ता रविवार को हुए मुख्य मेले में कलीगांव, रायनगर चौड़ी और डैंसली गांव के देव डांगरों ने बारी-बारी से मंदिर की परिक्रमा की। मां भगवती को डलिया में विराजमान कर मंदिर की परिक्रमा कराई गई।
सुहावने मौसम के बीच कलीगांव, रायनगर चौड़ी और डैंसली गांवों में रविवार को मंदिर में पूजा-अर्चना हुई। दोपहर बाद तीनों ही गांवों से देव जत्थों का मंदिर आने का क्रम शुरू हुआ। सबसे पहले खड़ी चढ़ाई पार कर 4:08 बजे में कलीगांव के देव डांगरों ने देवीधार स्थित मां भगवती मंदिर की परिक्रमा की।
मां भगवती के रूप में संजय पुजारी और मां महाकाली के रूप में अतुल पुजारी और कलावती देवी शामिल थीं। करीब चार किमी दुर्गम रास्तों को पार कर रायनगर चौड़ी से मां भगवती के धामी हरीश कापड़ी और मां महाकाली की धामी राधिका देवी देव डांगरों के साथ 4:47 बजे मंदिर पहुंचीं। शाम पांच बजे डैंसली गांव से देव डांगरों का जत्था मंदिर पहुंचा। तीनों ही गांवों के देव डांगरों ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।
वहां मुख्य संरक्षक प्रहलाद सिंह मेहता, सचिव प्रकाश राय, बाबा भुवन गिरी, ग्राम प्रधान सोनू बिष्ट, जितेंद्र राय, भैरव राय, शिवराज बिष्ट, नाथू राम राय, शेर सिंह आदि थे।
देवीधार मंदिर की परिक्रमा करते रायनगर चौडी के देव डांगर।- फोटो : LOHAGHAT
देवीधार महोत्सव में कलीगांव और रायनगर चौडी के देव डांगरों का होता मिलन।- फोटो : LOHAGHAT