चंपावत। जिला अस्पताल सहित जिले के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों को डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर (डीसीएचसी) में बदलने के बाद अब निजी अस्पतालों के अधिग्रहण की प्रक्रिया दस दिन पूर्व शुरू की गई थी। लेकिन निजी अस्पतालों को किए जाने वाले भुगतान की दरें तय नहीं होने से अभी अधिग्रहण नहीं हो सका है। अब जिला प्रशासन ने शासन को पत्र भेज दर के निर्धारण का आग्रह किया है।
सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि जिले के तीन सरकारी अस्पतालों को डीसीएचसी में तब्दील किया गया है। इन अस्पतालों में 106 बेड रखे गए हैं। इसके अलावा 14 होटलों में 100 बैडों को कोविड केयर सेंटर (सीसीसी) के रूप में लिया गया है। इसके चलते ओपीडी और इमरजेंसी के लिए चंपावत, लोहाघाट और टनकपुर में चार प्राइवेट अस्पतालों का अधिग्रहण होना है। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव को पत्र भेज अधिग्रहण की दरें और उसके अनुरूप बजट उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। ओपीडी और अन्य मरीजों के लिए इन निजी अस्पतालों की सेवा ली जाएगी। अधिग्रहण अवधि में ये सेवाएं पूरी तरह निशुल्क होंगी।