फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीमांत डुगरालेटी गांव में रामलीला का मंचन जारी 

Wed, 26 Oct 2016 09:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
विज्ञापन
सती होने से पूर्व पति मेघनाथ का कटा हाथ लेकर विलाप करती सुलोचना। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
रावण वध के साथ क्वैराला घाटी की मिर्तोला रामलीला का समापन हुआ। बाद में यज्ञ-हवन हुआ।
विज्ञापन


मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुकेश महराना, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष बगौली आदि ने भी लीला का आनंद लिया। दोनों नेताओं ने 4200 रुपये के निजी अंशदान के अलावा सी-हॉक के चेयरमैन नरेंद्र लडवाल की ओर से 21 हजार रुपए नकद भी रामलीला कमेटी को भेंट किए। कमेटी अध्यक्ष हेत सिंह, व्यवस्थापक माधवानंद नरियाल, वक्त डॉ. प्रकाश जोशी शूल, लीला के निर्देशक सुरेश जोशी ने सहयोग के लिए अतिथियों का आभार जताया।

नेपाल सीमा से लगे डुगरालेटी गांव में चल रही रामलीला के दूसरे दिन यज्ञ की रक्षा के लिए विश्वामित्र जब महाराजा दशरथ के पास जाते हैं।  मुनि के साथ श्रीराम, लक्ष्मण वन में गए। यज्ञ की रक्षा करते समय ताड़का और अन्य राक्षसों का वध किया गया। महाराजा जनक के निमंत्रण पर विश्वामित्र श्रीराम, लखन के साथ जनकपुरी पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहां पुष्प वाटिका के मनोहर दृश्य को देखकर लक्ष्मण ने श्रीराम को इशारा करते हुए कहा क्या पुष्प वाटिका फूल रही है न्यारी। वहीं पुष्प वाटिका में सहेलियों के साथ आई सीता को देखकर श्रीराम-लक्ष्मण से कहते है तनि-तनि निहारो तुम जानकी की छवि भायी, वाटिका फिरत कोटि चंद्र भी लजायी है। श्रीराम ने इससे पहले अहिल्या का उद्धार किया। श्रीराम का सुरेश सिंह, लक्ष्मण का मनीष चंद, सीता का हयात सिंह, दशरथ का बद्री सिंह, विश्वामित्र का मनोज चंद ने शानदार अभिनय किया। यहां रामलीला देखने के लिए पड़ोसी देश नेपाल से भी लोग आ रहे है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें