चंपावत की ऐतिहासिक रामलीला 135 वर्ष पूरे कर चुकी है। इस बार यह रामलीला नए रंग रूप में दिखेगी। लीला का शुभारंभ पहली नवरात्र पर 26 सितंबर को होगा। कोरोना महामारी की वजह से वर्ष 2019 के बाद से लीला का आयोजन नहीं हो सका था।
इस बार लीला की शास्त्रीय और कलात्मक पक्ष पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। अध्यक्ष भगवत शरण राय की अध्यक्षता में सचिव सौरभ साह के संचालन में रविवार को हुई आदर्श राम सेवा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में बिजली, साज सज्जा, मंचीय व्यवस्था, रामलीला कलाकारों की पोशाक पर भी चर्चा हुई।
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कलाकार के रूप में भानु तड़ागी, कमल बिष्ट, धीरेंद्र साह, अशोक वर्मा का चयन किया गया है। हारमोनियम वादन भगवत साह, तबला वादन इमाम बख्श, तालीम मास्टर मुक्तेश पचौली रहेंगे। पात्रों को रामलीला मंच में ही अभ्यास कराया जा रहा है। बैठक में संरक्षक विजय चौधरी, कोषाध्यक्ष विकास साह, हीराबल्लभ पलसाई, भुवन पचौली, दीपक तड़ागी, नरेश प्रहरी, देवेंद्र वर्मा, जगदीश खर्कवाल, रितेश राय, नवीन लाल वर्मा, कैलाश नाथ, रोशन लाल, अर्जुन, रेशमा आदि थे।