जिले के मौराड़ी, मिरतोला, सैंदर्क, चौमेल, मडलक, सैलपेडू, पुलहिंडोला, पाटी, वालिक में रामलीला की जबरदस्त धूम मची हुई है। लीला को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मौराड़ी में रावण और कुंभकरण के बीच संवाद की लीला का मंचन किया गया, जिसमें कुंभकरण भ्राता रावण से कहता है कि लड़िए युद्ध का करिए विचारा, नर, कपि, भालू अहार हमारा।
पाटी में अष्ठम दिवस की रामलीला में सुर्पणखां का खर, दूशण के पास जाना, खर, दूशण वध, सीता का कपटी मृग लाने के लिए हठ करना, योगी रावण बन कर सीता हरण, रावण का मारीच व जटायू के साथ मिलना तथा राम का सीता के विरह में तड़पने की लीला का मंचन किया गया। लीला में राम का अभिनय संजय सिह, लक्ष्मण का अभिनय सुभांशु भटृ, सीता का अभिनय रवीश गिरी और रावण का अभिनय दीपक सोराड़ी ने किया।
चौमेल में राम लक्ष्मण का हनुमान से मिलन, सुग्रीव से मित्रता, बाली वध के बाद अंगद को युवराज बनाने की लीला दिखाई गई। चौमेल में कमेटी के अध्यक्ष भुवन धौनी, तारा सिंह धौनी के नेतृत्व में राम द्वारा बाली वध करने से लीला का शुभारंभ किया गया।
सीता की खोज में वानर सेना का समुद्र तट में पहुंचना, जामवंत द्वारा हनुमान को उसकी शक्ति याद दिलाना, हनुमान का लंका में प्रवेश, सीता को राम की मुद्रिका देना, अशोक वाटिका में फल खाना उसे तहस नहस करना, अक्षय कुमार वध, मेघनाद द्वारा हनुमान को बंदी बनाना, रावण के आदेश के बाद हनुमान की पूछ में आग लगाना और हनुमान द्वारा रावण की सोने की लंका को जलाने की लीला दिखाई गई।