हिमालय दिवस पर हिमालय अध्ययन केंद्र में विवेक जोशी की अध्यक्षता में हुई गोष्ठी में पर्यावरणविद डा.दिनेश जोशी ने कहा कि वर्तमान में हिमालय का सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश पूरी तरह से बदल चुका है। जागरूकता के अभाव में जलवायु परिवर्तन नकारात्मक स्वरूप ले रहा है। इस मौके पर महेश सुतेड़ी, जगदीश जोशी, निर्मला पुनेठा, भाष्कर जोशी, कपिल, अनीता राय, शांति अधिकारी, भावना बोहरा, दीपा भंडारी, जगदीश आर्या, सावित्री देवी, सावित्री राय आदि ने भी विचार रखे।
महर्षि विद्या मंदिर, बाराकोट, बापरू, बचकडिय़ा, पाटी आदि जगहों में रैली निकालकर लोगों को हिमालय की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। महिला समाख्या के बैनर तले बाराकोट, किमतोली, बगोटी, जमरसों, जाख आदि गांवों में संगज्यू संगठन की महिलाओं ने रैली निकाली। बाराकोट में आनंदी अधिकारी और देवकी अधिकारी के नेतृत्व में रैली के बाद गोष्ठी हुई। जैमती, खीमा, मुन्नी, बेनी ने विचार रखे। किमतोली के बचकड़िया के संगज्यू संगठन की देवकी देवी, मालती, रंजीता, पुष्पा देवी के नेतृत्व में रैली निकाली गई। पुलहिंडोला क्षेत्र में मीनू पंत और संतोषी के संयोजन में विभिन्न गांवों में महिलाओं ने रैली निकाली।
जीआईसी पाटी, प्राथमिक विद्यालय जौलाड़ी, मल्लिकार्जुन, शिशु मंदिर, विद्यामंदिर, जेएन पब्लिक स्कूल के बच्चों ने रैली निकाली। प्रधानाचार्य बीपी जोशी के नेतृत्व में निकली रैली में हिमालय संरक्षण की शपथ दिलाई गई। जीआईसी बापरू में प्रधानाचार्य सीपी गौतम की अध्यक्षता में भारत माता के मुकुट हिमालय के संरक्षण और जैव विविधता पर हुई गोष्ठी में नरेश राय, आरके गड़कोटी, जेएस अधिकारी ने विचार रखे।
बनबसा (चंपावत)। पूर्व सैनिकों ने हिमालय दिवस पर हिमालय और हिमालयी नदियों के संरक्षण का संकल्प लिया है। तय किया गया कि वे लोगों को हिमालय के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए नदियों की सफाई के लिए प्रेरित करेंगे। कै. भानी चंद की अध्यक्षता और पुष्कर कापड़ी के संचालन में हुई गोष्ठी में हिमालय पर्वत को संरक्षित करने में सहयोग देने पर सहमति जताई गई। ग्लोबल विजन कैंसर केयर संस्था के उत्तराखंड प्रभारी उत्तम चंद ने कहा कि पूर्व सैनिक हिमालय को संरक्षित रखने में विशेष सहयोग दे सकते हैं। कै. टीकारम भट्ट ने कहा कि हिमालय में अत्यधिक विस्फोटकों के प्रयोग और बड़े बांधों के निर्माण पर भी रोक लगाने को सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।