पर्यटन विभाग की ओर से चंपावत की पुरातन तहसील भवन (राजबुंगा किले) को संग्रहालय का स्वरूप दिया ज
चंपावत। पर्यटन विभाग की ओर से चंपावत की पुरातन तहसील भवन (राजबुंगा किले) को संग्रहालय का स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए जिला योजना में बीस लाख रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई है। इसके सापेक्ष जिला योजना में चालू वित्तीय वर्ष में दस लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप राजबुुंंगा किला में संचालित तहसील और एसडीएम कार्यालय को सांस्कृतिक संग्रहालय के रूप में तब्दील किया जाएगा। चंद शासकों के कार्यकाल में बने राजबुंगा किले के स्वरूप को यथावत रखते हुए यहां चंपावत जिले के जुड़ी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक सामग्री को आम जनता के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले में पर्यटन स्थलों के विकास के तहत राजबुंगा किले को संग्रहालय में तब्दील किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन की ओर से राजबुंगा किला परिसर को खाली करने के लिए खर्ककार्की में रोजिन फैक्टरी के पास तहसील कार्यालय के नए भवन का निर्माण किया जा रहा है। पर्यटन विभाग की ओर से संग्रहालय निर्माण की कवायद शुरू कर दी गई है।
मटेला के भोलेश्वर त्रिवेणी घाट का होगा सौंदर्यीकरण
चंपावत। पर्यटन विभाग चंपावत विकासखंड के मटेला ग्राम पंचायत में स्थित भोलेश्वर त्रिवेणी घाट पर पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। भोलेश्वर त्रिवेणी घाट में पर्यटकों की सुविधाओं के लिए दस लाख रुपये की लागत से विस्तारीकरण कार्य किए जाएंगे। वहीं महिला पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग की ओर से टनकपुर में पिंक टाॅयलेट का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए जिला योजना में पर्यटन विभाग को बीस लाख रुपये का आवंटन किया गया है। पाटी विकासखंड के सिमलखेत में भी बीस लाख रुपये की लागत से पर्यटक स्थल का विकास किया जाएगा।