सुबह से आसमान में बादल थे। 10 बजे बाद हल्की बूंदाबांदी हुई। अपरान्ह बाद बारिश में तेजी आई। कुल दो मिलीमीटर बारिश हुई। बारिश के चलते ठंड में भी इजाफा हुआ।
पिछले साल के पहले महीने में ही 92 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जबकि इस बार जनवरी में बारिश नहीं हुई। अलबत्ता फरवरी के पहले रविवार को जरूर दो मिमी बारिश हुई। बारिश होने से किसानों के चेहरे भी खिले नजर आए। जिला उद्यान अधिकारी एचसी तिवारी और मुख्य कृषि अधिकारी आरएल चंद्रवाल ने बताया कि यह बारिश कम जरूर हुई है, लेकिन किसानों को इससे लाभ होगा। आलू की बुवाई और फलदार पौधों के लिए यह फायदेमंद है। वहीं, गेहूं की ग्रोथ और रोगों से बचाने में भी यह मददगार है।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पीसी करगेती का कहना है कि बारिश से जल स्रोतों में आ रही गिरावट रुकेगी। बनबसा में भी सुबह से ही रुक-रुक कर बूंदाबांदी हुई, इससे मौसम में खासी ठंडक पैदा हो गई। पिछले चार दिनों से खिली धूप से दिन के समय मौसम खासा गर्म हो गया था। रविवार सुबह कुछ समय खिली धूप के बाद आसमान में अचानक बादल छाए और बूंदाबांदी होने से मौसम सर्द हो गया।
आकाशीय बिजली चमकने के कारण स्थानीय टेलीफोन एक्सचेंज को बीच-बीच में बंद करना पड़ा। एक्सचेंज के सिस्टम को बंद करने का असर ब्राडबैंड सेवा पर पड़ा। साइबर कैफे और रेलवे स्टेशन के काम प्रभावित हुए। देर शाम एक्सचेंज का चालू कर दिया गया। बता दें कि स्थानीय एक्सचेंज कई बार आकाशीय बिजली गिरने से फुंक चुका है।