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मूसलाधार बारिश से बेलखेत में खड़ी फसल बही, भू कटाव भी हुआ, स्वांला स्कूल भवन ढहा

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बेलखेत में नाले के वेग से बिखरे घास के लुट्टे। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बेलखेत क्षेत्र में शुक्रवार रात और शनिवार तड़के हुई बारिश से भारी तबाही मची है। यहां कई घरों में पानी घुस गया। दो परिवार के 12 लोगों ने रात में घर से बाहर निकलकर जान बचाई। जबर्दस्त बारिश से दियूरी ग्राम पंचायत के बेलखेत में करीब दो हेक्टेयर खेत में खड़ी फसल के साथ जमीन भी बह गई। अदरक की काफी फसल सहित बगीचे मलबे की भेंट चढ़ गई। एनएच निर्माण के चलते पहले से ही खतरे में पड़ा स्वांला स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का अधिकांश हिस्सा ढह गया है।
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एनएच के निचले हिस्से पर स्थित बेलखेत गांव में तेज गति से आए पानी और मलबे ने गुमान सिंह और जगदीश सिंह के खेत और बगीचे के बड़े हिस्से को बर्बाद कर दिया। दोनों परिवारों ने तड़के तीन बजे नाले और बारिश के पानी का शोर सुनकर घर से बाहर निकल जान बचाई। जगदीश सिंह का कहना है कि बारिश की तेज गति से ऐसा लग रहा था कि बादल फट गया हो। एडीएम टीएस मर्तोलिया का कहना है कि बचाव के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही नुकसान का जायजा लेने केे लिए राजस्व टीम भेजी जाएगी।
दिनभर बंद रहा एनएच, कठौल में रोड को छिटपुट नुकसान
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) शनिवार को दिनभर बंद रहा। छह जगह भारी मात्रा में मलबा आया। चट्टान आने से कठौल (चल्थी) में रोड का कुछ हिस्सा भी टूटा। तड़के से रोड बंद होने से आवाजाही न होने से छिटपुट वाहन ही फंसे हैं। अलबत्ता पूरे दिन आवागमन ठप रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड मार्ग को खोलने के लिए तेजी से कार्य चल रहा है। करीब 18 घंटे बाद शाम करीब छह बजे मार्ग सुचारु हो सका है।
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एनएच में आधी रात से धौन, स्वांला, बेलखेत, कठौल, सिन्याड़ी, आठवां मील पर पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा आया। रात आठ बजे से सुबह पांच बजे तक आवागमन प्रतिबंधित होने से मार्ग पर अधिक वाहन नहीं फंसे हुए हैं लेकिन मार्ग न खुलने से आवागमन दिनभर ठप रहा। वहीं एनएच खंड के ईई एलडी मथेला का कहना है कि मार्ग को खोलने के लिए 11 पोकलैंड और जेसीबी लगाए गए हैं। धौन, स्वांला, बेलखेत, सिन्याड़ी, आठवां मील आदि जगहों में आए मलबे को हटा लिया गया है। अलबत्ता कठौल में आए मलबे को नहीं हटाया जा सका था। वहीं खटोली का पैदल पुल का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हुआ है। एनएच पर तिलौन के पास के 11 पेड़ खतरनाक बने हुए हैं। विभाग का कहना है कि इन पेड़ों का निस्तारण किया जा रहा है।
बेलखेत में खराब खड़ी कार बही
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेलखेत में खराब खड़ी कार नाले की चपेट में आने से बह गई। कार में कोई व्यक्ति बैठा नहीं था। बताया गया कि यह कार सड़क का निर्माण कर रही कंपनी की थी।
चंपावत जिले के बंद 6 ग्रामीण मोटर मार्ग:
बर्दाखान-आली पंत्युड़ा, क्वारखोली-पम्दा, किमतोली-पंचेश्वर, बांकू-सुल्ला-पासम, सूखीढांग-डांगडा-मीनार व पूर्णागिरि-बाटनागाड़।
चंपावत जिले में बारिश:
चंपावत: 50.50 मिमी
टनकपुर: 30.50 मिमी
लोहाघाट: 13 मिमी
पाटी: 4 मिमी
देवीधुरा: 1 मिमी
पंचेश्वर: 37.50 मिमी
चल्थी: 144 मिमी
बारिश के आंकड़ों में एकरूपता नहीं
चंपावत। चंपावत जिले में कितनी बारिश हुई, इसे लेकर आंकड़ों में एकरूपता नहीं है। आपदा प्रबंधन विभाग की सूचना में तीन जगह के आंकड़े अलग दर्शाए गए हैं। आपदा विभाग को फोन से मिले बारिश के आंकड़े मेें चंपावत में 42, तो प्रदेश द्वारा जारी आंकड़े में 50.50 मिमी बारिश दर्शाई गई है। इसी तरह लोहाघाट में 10 व 13, पाटी में डेढ़ व चार एमएम का अलग-अलग रिकॉर्ड दर्शाया गया है। आपदा विभाग का कहना है कि एक आंकड़ा फोन से तहसीलों से मिला है, जबकि दूसरा आंकड़ा मौसम उत्तराखंड वेबसाइट का है। संवाद
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