आखिरकार इस सीजन का पहला हिमपात बुधवार को हुआ। चंपावत की ऊंची पहाड़ी वाले इलाके हिंग्लादेवी, क्रांतेश्वर की चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ। अलबत्ता मंगलवार की रात करीब तीन मिलीमीटर बारिश हुई। बारिश के बाद सुबह दस बजे सूर्यदेव प्रकट हुए और मौसम सुहावना हो गया। बुधवार को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 10 डिग्री सेल्सियस रहा।
लोहाघाट (चंपावत)। बुधवार सुबह तीन बजे से यहां हिमपात शुरू हो गया था, जो रुक-रुक कर करीब तीन घंटे तक चला, जिसके कारण तापमान में गिरावट आने के साथ ही ठंड में इजाफा हो गया है। पिछले छह माह से बरसात नहीं होने के कारण किसान परेशान थे। बुधवार को क्षेत्र में चार एमएम वर्षा रिकार्ड की गई, जो कृषि और सब्जी उत्पादन के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। मायावती आश्रम में साढ़े तीन इंच, देवीधुरा में तीन इंच, लोहाघाट में दो इंच मोटाई की बर्फ गिरी, जो सूर्योदय होने के साथ ही पिघल गई थी।
केवीके के वैज्ञानिक डा.एमपी सिंह के अनुसार बरसात से कृषि, बागवानी को राहत मिली है। गेहूं, मंसूर की फसल को लाभ हुआ है, जहां फसल उग गई थी वहां पौधों की बढ़वार के लिए बरसात टॉनिक बनी है। उनका कहना है कि बर्फ पिघलने से सारा पानी जमीन के भीतर जाता है। डीएचओ एचसी तिवारी के अनुसार सब्जियों और फलों के लिए बरसात से राहत मिली है साथ ही पाले से सब्जियों को होने वाला नुकसान बचा है। डा.सुरेश उप्रेती का कहना है कि मौसम में आए बदलाव से लोगों को शुष्क ठंड से तो राहत मिलेगी, लेकिन शीतलहर से चार-पांच दिन सर्दी जुकाम और खांसी का प्रकोप रहेगा। इस बीच नगर तथा ग्रामीण क्षेत्र में विंटर डायरिया का भी प्रकोप बना हुआ है, जिसमें लोगों को ठंड से बचाव करना है।