रेलवे पुलिस द्वारा रेलवे स्टेशन परिसर से हटाई गई तहबाजारी की दुकानें।
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टनकपुर (चंपावत)। थर्टी फर्स्ट की मध्य रात्रि तहबाजारी का ठेका समाप्त होते ही रेलवे पुलिस ने तहबाजारी में दुकान लगाए व्यापारियों पर कहर बरपाना शुरू कर दिया। मंगलवार सुबह रेलवे पुलिस ने व्यापारियों द्वारा दुकान हटाने से पहले ही दुकानों को तहस-नहस कर न सिर्फ उनकी पिटाई की, बल्कि दस व्यापारियों को गिरफ्तार कर उन्हें पीलीभीत भेज दिया।
रेलवे द्वारा स्टेशन परिसर की खाली भूमि पर दुकानें लगाने को हर साल तहबाजारी का ठेका आवंटित किया जाता है। इस बार भी ठेका आवंटन के बाद गत एक वर्ष से बाहर के व्यापारियों ने दुकानें लगाई है। तहबाजारी ठेके की अवधि 31 दिसंबर की मध्य रात्रि 12 बजे तक थी। थर्टी फर्स्ट मेले के चलते व्यापारियों ने अपनी दुकानें नहीं हटाई तो एक जनवरी की सुबह रेलवे पुलिस कर्मियों ने व्यापारियों पर कहर बरपाना शुरू कर दिया।
दुकानें हटाने का समय दिए बगैर रेलवे पुलिस के उप निरीक्षक सुनील मिश्रा के निर्देश पर पुलिस कर्मियों ने दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उन्होंने कथित तौर पर कुछ व्यापारियों की पिटाई भी की। इतना ही नहीं विरोध कर रहे व्यापारी सुनील कश्यप, नारायण लाल, सीताराम, शंकर, गोपाल, माखन लाल, जावेद, बसंत, अनिल, जुनैद को गिरफ्तार कर उनका चालान काटकर पीलीभीत भेज दिया गया। उधर, व्यापारियों का कहना है कि ठेके की अवधि समाप्त होने के बाद दुकानें हटाने को समय दिए गए बगैर रेलवे पुलिस की यह कार्रवाई अनुचित हैं।
तहबाजारी ठेके की अवधि समाप्त होने से पहले 31 दिसंबर की रात दस बजे ही व्यापारियों को दुकान हटाने के लिए कह दिया गया था। बार-बार कहने के बाद भी जब उन्होंने दुकानें नहीं हटाई तो वहां काबिज व्यापारियों को हटाने की कार्रवाई की गई और दस व्यापारियों को गिरफ्तार कर पीलीभीत भेजा गया है। -सुनील मिश्रा, उप निरीक्षक, रेलवे पुलिस।