टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम के प्रमुख यात्रा पड़ाव बूम में स्नानघाट निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने जांच की मांग की है। ग्रामीणों की शिकायत पर कार्यदायी विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा पर बूम में नाबार्ड मद से 4.59 करोड़ की लागत से 50 मीटर लंबे और 25 मीटर चौड़े स्नानघाट का निर्माण हो रहा है लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता से ग्रामीण संतुष्ट नहीं है। बीडीसी सदस्य कुंदन आर्या, मान सिंह, कुंदन सिंह महर, विपिन सिंह, मोहित कनवाल आदि के मुताबिक निर्माण की घटिया गुणवत्ता के चलते पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश से घाट की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्रामीणों की शिकायत पर कार्यदायी सिंचाई के एसडीओ आरके यादव ने मौके पर पहुंच स्थिति का जायजा ले ठेकेदार कंपनी को गुणवत्ता खराब होने पर कार्रवाई की हिदायत दी है।
उचौलीगोठ और बूम में तेज हुआ कटाव, सुरक्षा की मांग
टनकपुर (चंपावत)। शारदा के उफान से उचौलीगोठ (बूम) में भू-कटाव तेज हो गया है। एक सप्ताह में बूम में कालसन मंदिर के पास उचौलीगोठ की ओर हो रहा कटाव गांव के लिए खतरा बनता जा रहा है। नदी करीब चार फीट भूमि का कटाव कर चुकी है। इस कारण एक ग्रामीण खड़क सिंह की दुकान खतरे की जद में आ गई है। ग्राम प्रधान पूजा महर, गैंड़ाखाली प्रधान निर्मला सामंत, देवेंद्र सामंत, मोहन जोशी, संपत गिरी, तेजी सिंह खाती, बहादुर सिंह खाती आदि ने शासन-प्रशासन से समय रहते भू-कटाव की रोकथाम के उपाय किए जाने की गुहार लगाई है। संवाद