खस्ताहाल धौन-सल्ली मार्ग पर वाहन, आपात चिकित्सा सेवा 108 और खुशियों की सवारी नहीं चल पा रही है। नाराज ग्रामीणों ने रोड के ठीक नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जिला मुख्यालय से करीब 13 किलोमीटर दूर धौन से सल्ली के 14 किमी मार्ग के बेहद बुरे हाल में है। ग्रामीणों का कहना है कि डामर विहीन इस रोड जगह-जगह गड्ढे और पत्थर की वजह से बरसात के बाद से चलने लायक तक नहीं रह गई है। प्रधान पूरन सिंह रावत का कहना है कि धौन से दो किमी बाद से सल्ली तक तो रोड की बदहाली न केवल लोगों को बल्कि गर्भवती महिलाओं के लिए भी भारी परेशानी की वजह बननी है। रोड की दुर्दशा की वजह से 108 सेवा और खुशियों की सवारी धौन से आगे नहीं बढ़ पाती है।
इसकी जानकारी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना वाले विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन फिर भी हालत में सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों ने जल्द रोड की मरम्मत नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रशासन को भेजे ज्ञापन में सरपंच पुष्पा देवी, ललिता देवी, दिवान सिंह, शेर सिंह, राम सिंह, भैरव सिंह, श्याम सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं। उधर विभाग ने रोड का मौका मुआयना कर जरूरी कार्रवाई करने की बात कही है।
डामर के इंतजार में आधा किमी रोड
भैरवां से ढकना बडोला को जाने वाली 2.5 किलोमीटर रोड के एक हिस्से के हाल बेहद खराब हैं। इस मार्ग में करीब 2 किमी हिस्से में डामर हो गया, लेकिन आखिरी भाग बेलटाक से ढकना बडोला तक का डामर बीते एक साल से लटका हुआ है। कई बार ग्रामीण इस मसले को विभाग के सम्मुख उठा चुके हैं। पर कोई समाधान नहीं निकला। अशोक, पंकज पांडेय, नरेश पांडेय ग्रामीणों ने जल्द डामर नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। विभाग का कहना है कि डामरीकरण की प्रक्रिया चल रही है।
रोड नहीं तो वोट नहीं, बालातड़ी के लोगों ने दी चेतावनी
लंबे समय से सड़क की मांग करते आ रहे पाटी विकासखंड के बालातड़ी गांव के लोगों ने सरकार पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया है। सड़क की मांग करते थक चुके ग्रामीणों ने अब रोड नहीं तो वोट नहीं का एलान किया है। सरपंच आनंद बल्लभ भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की मांग की लगातार अनदेखी हो रही है। रोड न होने से वे अपने उत्पादों को बाजारों तक नहीं ला पा रहे हैं। बुजुर्ग और बीमार लोगों को सड़क तक ले जाने में जबर्दस्त परेशानी होती है। टाक खंदक से बालातड़ी तक पीएमजीएसवाई से 12 किलोमीटर लंबी सड़क गांव के लिए स्वीकृत तो हुई, लेकिन फिर भी सड़क का काम शुरू नहीं हो सका। बीडीसी सदस्य केशव राम, हेमंत भट्ट, घनश्याम भट्ट, चिंतामणि भट्ट आदि ने अब रोड में काम शुरू हुए बगैर विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का एलान किया है। बैठक में सुंदरी देवी, गंगा देवी, भुवन राम, रेवाधर, चंद्रमति, केशव दत्त भट्ट, रूकमणि देवी आदि मौजूद थे। वहीं विभाग का कहना है कि रोड की अड़चनों को दूर किया जा रहा है।
राज्य सेक्टर से बनेगी रिखोली रोड
विकासखंड पाटी के रिखोली ग्राम पंचायत के लिए राज्य योजना से हल्का मार्ग (एलवीआर) की स्वीकृति मिल गई है। मार्ग के बनने से लोगों की पैदल दूरी कम होगी। रिखोली गांव के लिए 47.50 लाख रुपए से करीब 650 मीटर हल्का मार्ग की स्वीकृति राज्य योजना के अंतर्गत हुई है। प्रधान गिरीश सिंग्वाल का कहना है कि रोड के बनने से लोगों की पैदल दूरी में कमी आएगी और उनकी फसल को पहुंचाना आसान होगा। ग्रामीण लंबे समय से इस सड़क की मांग कर रहे थे। जिला पंचायत सदस्य भोला सिंह बोहरा, चांद बोहरा, त्रिभुवन चम्याल, कुंदन सिंग्वाल, राजेंद्र फर्त्याल, प्रेम सिंह, कुंदन फर्त्याल, पूरन सिंह, धर्म सिंह आदि ने सड़क को स्वीकृति मिलने पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत और राज्यसभा सदस्य महेंद्र सिंह माहरा के प्रति आभार जताया है।