पर्वतीय क्षेत्र में हुई बारिश से मां पूर्णागिरि धाम मार्ग पर किरोड़ा नाले के उफान से करीब दो घंटे आवाजाही ठप रही। स्कूली बच्चे स्कूल नहीं जा सके और कई लोगों ने जान जोखिम में डालकर रोखड़ को आर-पार किया।
पूर्णागिरि मार्ग पर किरोड़ा नाले के उफान पर आते ही थ्वालखेड़ा, गैंड़ाखाली, उचौलीगोठ, बसानीगोठ आदि गांवों के लोगों का टनकपुर से सड़क संपर्क कट जाता है। गांवों के स्कूल आने वाले बच्चों को भी मजबूरन घर बैठना पड़ता है। तड़के हुई बारिश से बुधवार सुबह से ही किरोड़ा के उफान पर आने से पूर्णागिरि मार्ग दो घंटे तक बाधित रहा। स्थिति यह थी कि रोखड़ के दोनों ओर कई यात्री, ग्रामीण और स्कूली बच्चे फंसे रहे। काफी देर तक नाले का उफान थमने की प्रतीक्षा के बाद स्कूली बच्चे घरों को लौट गए।
वहीं, कई यात्रियों ने भी जान जोखिम में डालकर रोखड़ को आर-पार किया। उधर, बाटनागाड़ में भी भारी मलबा आने से पूर्णागिरि मार्ग बंद हो गया है। एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर पूर्णागिरि यात्रा पर अगले 72 घंटे के लिए रोक लगाई गई है।