टनकपुर के पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ में पानी के साथ आया मलबा हटाती लोनिवि की जेसीबी। स्रोत
टनकपुर (चंपावत)। क्षेत्र में भारी बरसात से बाटनागाड़ में एक बार फिर पानी के साथ भारी मलबा आ गया। इससे सोमवार सुबह करीब पांच बजे से आठ बजे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। लोनिवि की टीम ने जेसीबी मशीन के माध्यम से मलबा हटाकर यातायात सुचारु कराया।
इस बार मानसून की दस्तक के साथ ही अब तक कई बार पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ में नाले के उफान पर आने से यातायात बाधित हो चुका है। एहतियातन विभाग की ओर से एक जेसीबी और पोकलेन मशीन को 24 घंटे मौके पर तैनात किया गया है। लोनिवि के एई लक्ष्मण सिंह सामंत ने बताया कि भारी बरसात के कारण सोमवार की सुबह करीब पांच बजे पानी के साथ बाटनागाड़ में सड़क पर मलबा आ गया। वहां तैनात जेसीबी मशीन से मलबा हटवाकर तीन घंटे की मशक्कत के बाद सुबह करीब आठ बजे मार्ग को खोल दिया गया था। संवाद
पिछले वर्ष बाढ़ से हुए नुकसान का नहीं हुआ आकलन
बनबसा (चंपावत)। पिछले वर्ष जुलाई में बनबसा में आई भीषण बाढ़ से बाजार में हुए नुकसान का आकलन नहीं होने से व्यापारियों में आक्रोश है। व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी और महामंत्री अभिषेक गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष नुकसान के बाद डीएम को ज्ञापन दिया गया था लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने शीघ्र नुकसान का आकलन करने की मांग की है।
व्यापारियों ने बताया कि पिछले वर्ष आठ जुलाई को आई बाढ़ में बनबसा बाजार में बरसाती पानी सड़कों पर आने से कई दुकानों में घुस गया था। इससे 250 दुकानों में सामान भीगने और बहने से काफी नुकसान हुआ था। उन्होंने डीएम से बनबसा बाजार में पिछले साल हुए कारोबारियों के नुकसान का आकलन कराने मांग की है। साथ ही बनबसा क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा के लिए ठोस योजना बनाने की मांग उठाई है। संवाद