टनकपुर के पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ में चौथे दिन खुले मार्ग से गुजरते वाहन। स्रोत : विभाग
टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ में सड़क पर आए भारी मलबे को चौथे दिन हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है। शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे मार्ग के खुलते ही तीन दिन से ठूलीगाड़ और भैरव मंदिर में फंसे करीब 200 वाहन निकले। एसडीएम आकाश जोशी ने बताया कि प्रशासन की ओर से आवश्यक सेवा के लिए मार्ग को खोला गया है। बाटनागाड़ में खतरा अभी बना हुआ है।
पहाड़ों पर भारी बरसात होने से 17 जून की रात करीब 12:30 बजे के बाद बाटनागाड़ पर रपटा आ गया था जिसके साथ भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा बहकर आने से पूर्णागिरि मार्ग बंद हो गया था। मलबे की चपेट में आने से मैक्स वाहन में सवार दो श्रद्धालु बाल-बाल बच गए थे। प्रशासन ने खतरे के मद्देनजर पैदल और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी। दो मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन भी बंद कर दिया गया था।
शुक्रवार सुबह फेरी लगाकर पराठे बेचने वाले व्यापारी चंद्रपाल सिंह की मलबे की चपेट में आने से मौत हो गई थी। ठूलीगाड़ और भैरव मंदिर क्षेत्र में फंसे वाहन चालक, श्रद्धालु और व्यापारियों को निकालना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ था। लोनिवि की ओर से दो जेसीबी, दो पोकलेन मशीन लगाकर मलबे को हटाने का कार्य शुरू किया गया था।
कोट
कड़ी मशक्कत के बाद बाटनागाड़ में मलबे को हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है। फंसे वाहनों को निकाला जा रहा है। खतरे को देखते हुए एक जेसीबी मशीन को मौके पर तैनात किया गया है। - लक्ष्मण सिंह सामंत, एई, लोनिवि
रात में बंद रहेगा मुख्य मंदिर : समिति
पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी ने बताया कि बाटनागाड़ में आए मलबे से पैदा हुए खतरे को देखते हुए मां पूर्णागिरि धाम का मुख्य मंदिर बंद रहेगा। सामान्य दिनों में रात आठ बजे से सुबह छह बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। वर्तमान में धाम क्षेत्र में करीब 150 दुकानें और धर्मशालाएं हैं। इन चार दिनों में व्यापारियों को लाखों का नुकसान हुआ है।