टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग में बाटनागाड़ में आया मलवा और ऊफनाया नाला।
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टनकपुर/बनबसा। टनकपुर और बनबसा में बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। टनकपुर-चंपावत राजमार्ग मलबा आने से बाधित होने के कारण ककरालीगेट से आगे वाहनों के जाने पर प्रतिबंध रहा। पर्वतीय मार्ग को जाने वाले वाहनों को ककरालीगेट बैरियर पर ही रोक दिया। इसके अलावा किरोड़ा नाले के उफान पर होने से टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग करीब डेढ़ घंटे बाधित रहा। बाटनागाड़ में भी काफी मलबा आने और बाटनागाड़ से आगे पेड़ गिरने से पूर्णागिरि मार्ग बंद हो गया है।
अग्निशमन अधिकारी वंशनाराण यादव ने बताया कि बाटनागाड़ में भारी मलवे के कारण विभाग की टीम आगे नहीं बढ़ सकी। इधर बनबसा में क्षेत्र के पश्चिमी छोर पर बहने वाली बरसाती हुड्डी नदी के उफान में आने से चंदनी, आनंदपुर एवं बमनपुरी को खतरा पैदा हो गया। इन गांवों के ग्रामीण बाढ़ से सहमे हुए हैं। अंबेडकर ग्राम फागपुर, भजनपुर, चंदनी, आनंदपुर, पचपकरिया, देवीपुरा, देशीफार्म, बमनपुरी, मीनाबाजार आदि क्षेत्रों में जगह जगह पर जलभराव से लोग परेशान हैं फागपुर के प्रधान हर्ष बहादुर चंद, भजनपुर की प्रधान गंगा विश्वकर्मा, बमनपुरी की प्रधान भावना नेगी, पचपकरिया के प्रधान महेश मुरारी, गुदमी की प्रधान विनीता राना ने प्रशासन से जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेड वर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि पिछले चौबीस घंटों क्षेत्र में 178 मिमी. वर्षा रिकार्ड हुई है। संवाद
शारदा का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से पार हुआ
बनबसा (चंपावत)। बनबसा में शारदा नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से अधिक हो गया। प्रभारी बैराज अटैंडेंट जेई संजय सिंह ने बताया कि बुधवार को शारदा नदी का जलस्तर प्रात: आठ बजे 68614 क्यूसेक था। जो दिन में दो बजे बढ़कर 112194 क्यूसेक हो गया। इस बीच रैडअलर्ट करते हुए बैराज पर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने के बाद ही बैराज से वाहनों की आवाजाही शुरू की जाएगी। संवाद