2015 की विदाई और नववर्ष के स्वागत का मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने मां पूर्णागिरि के दरबार में पूजा-अर्चना कर नए साल की शुरुआत की। करीब पचास हजार से ज्यादा लोगों ने नववर्ष का स्वागत मां पूर्णागिरि के दर्शन कर किया। मुख्य मंदिर के पास श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते महिलाओं और बच्चों को खासी परेशानी हुई। दर्शनार्थियों में युवाओं की भीड़ ज्यादा थी।
नए साल की शुरुआत करने को 31 दिसंबर की सुबह से ही दूरदराज से बड़ी संख्या में मां के दर्शनों को श्रद्धालुओं का यहां पहुंचने का सिलसिला चल पड़ा था। रातभर भजन-कीर्तनों के साथ जागरण कर भक्तों ने एक जनवरी की सुबह मां पूर्णागिरि के दर्शन से नए साल की शुरुआत की। श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में मत्था टेक पूजा-अर्चना की और मन्नतें मांगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुख्ता बंदोबस्त किए थे। पूर्णागिरि मेला समिति ने रात्रि में मुख्य मंदिर पर प्रकाश और सफाई व्यवस्था का इंतजाम किया था। उधर, बाबा सिद्धनाथ के दर्शनों के चलते नए वर्ष की रौनक नेपाल सीमांत ब्रह्मदेव मंडी में भी रही। एसडीएम जेएस राठौर ने बताया विगत 24 घंटों में करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने मां पूर्णागिरि के दर्शन किए।
जगह-जगह भंडारे लगाकर की यात्रियों की सेवा
मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की सेवा करने वालों की भी कमी नहीं है। इस बार भी नववर्ष पर ठुलीगाड़ से लेकर सेलागाड़ तक करीब बीस भंडारे लगाकर हजारों यात्रियों को भोजन कराया गया। बरेली की शिव महाशक्ति सेवा संस्था ने भी गत वर्ष की तरह भंडारा लगाकर यात्रियों की सेवा की। आयोजन में संस्था के प्रधान प्रवीण जे भारद्वाज, दिनेश शर्मा, नरेंद्र शर्मा, प्रसुन, कुनाल, प्रमोद जोशी, कपिल जोशी, सचिन जोशी आदि ने सहयोग दिया।
कदम-कदम पर जाम से परेशान हुए यात्री
नववर्ष पर मां पूर्णागिरि के दर्शन को उमड़ी भीड़ से पूर्णागिरि मार्ग में जगह-जगह जाम की समस्या पैदा हुई, जिससे यात्रियों को खासी परेशानी हुई। बूम से आगे भारी वाहनों पर प्रतिबंध था और सड़क विस्तारीकरण कार्य भी बंद रखा गया, लेकिन छोटे वाहनों और टैक्सी जीपों से ठुलीगाड़ क्षेत्र में कदम-कदम पर जाम की स्थिति बनी रही। यातायात सुचारु करने में पुलिस के पसीने छूट गए। एसडीएम नरेश दुर्गापाल, सीओ राजन सिंह रौतेला, एआरटीओ वीके सिंह, प्रभारी कोतवाल विनोद यादव, उप निरीक्षक प्रेम विश्वकर्मा सुबह से ही यातायात को सुचारु करने में जुटे रहे। इधर, टनकपुर बैराज में भी बड़ी संख्या में वाहनों से जाम के कारण बाबा सिद्धनाथ के दर्शन को जाने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।