पूर्णागिरि धाम/टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि धाम का मेला 26 मार्च को शाम चार बजे से शुरू होगा। मेले का शुभारंभ डीएम नवनीत पांडेय और एसपी अजय गणपति करेंगे। जिला पंचायत और प्रशासन की ओर से मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मेला 15 जून तक चलेगा।
मेला अधिकारी भगवत पाटनी ने बताया कि रैन बसेरा, ठुलीगाड़ और बूम में भंडारे के लिए 17 काउंटर बनाए गए हैं। मेला क्षेत्र में 80 सफाई कर्मी तैनात हैं। 10 जगह प्याऊ लगाए हैं। उन्होंने बताया कि आदर्श चुनाव आचार संहिता का पालन करते हुए मेले का शुभारंभ होगा। उरेड़ा की ओर से कई स्थानों पर सोलर लाइट भी लगा दी गई हैं।
मुख्य मंदिर में लाइटिंग, घाटों में तैनात जल पुलिस के लिए छह ट्यूब और बचाव की सामग्री उपलब्ध करा दी है। सोमवार की रात से मेला क्षेत्र पूरी तरह जगमग हो जाएगा। स्वास्थ्य, पेयजल समेत अन्य व्यवस्थाएं मेले के साथ सुविधा मिलने लगेगी। मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी ने बताया कि मुख्य मंदिर में मां के दर्शन की बेहतर व्यवस्था की गई है।
मुख्य मंदिर में 24 घंटे होगी पूजा
टनकपुर। मां पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी ने बताया कि 26 मार्च से मुख्य मंदिर में सुबह सात बजे और शाम साढ़े सात बजे आरती होगी। सुबह के समय आरती से पहले कुछ देर के लिए सफाई होगी। मुख्य मंदिर में 16 स्वयंसेवक और सफाई करने के लिए दो लोग तैनात रहेंगे। श्रद्धालु मेला भर कुछ देर सफाई को छोड़कर पूरे 24 घंटे मंदिर मां के दर्शन कर सकेंगे। इस वर्ष पांडेय परिवार की पूजा अर्चना की बारी है। समिति की ओर से मुख्य मंदिर क्षेत्र में 11 सीसीटीवी लगाए गए हैं। संवाद
मां पूर्णागिरि मेला : अन्नपूर्णा पर्वत पर गिरी थी मां सती की नाभि
पूर्णागिरि धाम/टनकपुर। मां पूर्णागिरि पीठ उत्तर भारत के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि दक्ष प्रजापति की पुत्री पार्वती (सती) ने अपने पति भोलेनाथ के अपमान में राजा दक्ष की ओर से आयोजित यज्ञ कुंड में कूदकर प्राणों की आहुति दे दी थी। इस पर भगवान विष्णु ने अपने चक्र से महादेव के क्रोध को शांत करने के लिए माता सती के शरीर के 51 टुकड़े कर दिए। यह टुकड़े जहां-जहां गिरे वहां एक शक्ति पीठ स्थापित हुआ। पूर्णागिरि शक्तिपीठ स्थल पर सती पार्वती की नाभि गिरी थी।
संवत् 1321 में गुजरात के श्रीचंद तिवारी जो चंपावत के चंद राजा ज्ञान चंद के राजपुरोहित थे, उन्हें एक रात सपने में मां पूर्णागिरि ने दर्शन दिए और नाभि स्थल गिरने के स्थान की जानकारी दी। तब राजपुरोहित तिवारी ने उस स्थल की पूजा शुरू-अर्चना शुरू की। साथ में आए भांजे पुरोहित पांडेय को भी पूजा-अर्चना में शामिल किया। अब एक साल तिवारी परिवार और एक साल पांडेय परिवार पूजा करता है। शारदा नदी के पास स्थित तीन हजार फीट की ऊंचाई में स्थित शक्तिपीठ में चैत्र में आयोजित होने वाले मेले में लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं।
चार किमी पैदल मार्ग में ही हजारों को मिलता है रोजगार
टनकपुर। मां पूर्णागिरि शक्तिपीठ में प्रतिवर्ष उमड़ने वाले आस्था के सैलाब से हजारों लोगों को रोजगार मिलता है। प्रमुख पड़ाव क्षेत्र टनकपुर, बनबसा में भी दुकानें सज गई हैं। मात्र चार किमी पैदल मार्ग में ही करीब पूजा सामग्री की 500 से अधिक दुकानें और धर्मशालाएं हैं। यहां श्रद्धालुओं को रहने की निशुल्क व्यवस्था है सिर्फ उनसे पूजा सामग्री और भोजन के पैसे लिए जाते हैं। तीन हजार लोगों को पैदल मार्ग पर ही सीधे रोजगार मिलता है।
मेला सीजन में ही 10 लाख श्रद्धालु आते हैं। धार्मिक पर्यटन क्षेत्र में रोजगार का साधन है और इस दौरान यहां करोड़ों का व्यापार होता है। टनकपुर से मां पूर्णागिरि धाम के बीच 16 किमी सड़क मार्ग पर तीन सौ से अधिक टैक्सियों के संचालकों को रोजगार मिलता है। इसके अलावा नेपाल के ढाई सौ लोग, मां की पूजा-अर्चना में लगे तिवारी और पांडेय परिवार के करीब पांच सौ से अधिक परिवारों को सीधे रोजगार मिलता है। पूजा सामग्री, होटल, फल आदि के कारोबार से जुड़े लोग भी रोजगार पाते हैं। संवाद
ठुलीगाड़ में लगने लगे भंडारे
विवार से ही ठुलीगाड़ में भंडारे लगने लगे हैं। यूपी के जिला शाहजहांपुर के जलालाबाद के व्यापारी सत्य प्रकाश गुप्ता की ओर से 25 वें वर्ष भी भंडारा शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक भंडारा लगेगा। सितारगंज के व्यापारी रोशन लाल अग्रवाल की ओर से भी 32वां भंडारा लगाया गया है। हर स्वरूप ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए भोजन से लेकर चाय तक की निशुल्क सेवा है। ठुलीगाड़ में रैनबसेरा भी तैयार है। ककराली गेट से मुख्य मंदिर तक रात भर रोशनी रहेगी।
शारदा घाट पर स्नान के लिए पर्याप्त पानी रहेगा
प्रमुख पड़ाव क्षेत्र शारदा घाट पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं को पर्याप्त पानी मिलेगा। इसके लिए रविवार को भी सिंचाई विभाग की दो जेसीबी मशीनें नदी को चैनेलाइज कर पानी का रुख घाट की ओर करने में जुटी रहीं। ईओ भूपेंद्र प्रकाश जोशी ने बताया कि पालिका की ओर से घाट में लाइटिंग, सफाई आदि की भी व्यवस्था की जा रही है।