टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम मार्ग में बरसात के दिनों में बाधक बनने वाला किरोड़ा नाला अब अगले मानसून से यातायात में बाधक नहीं बनेगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत थ्वालखेड़ा-नायकगोठ के बीच नाले पर पुल का निर्माण शुरू हो गया है। यह अगले मानसून से पहले बनकर तैयार हो जाएगा। 13.77 करोड़ की लागत से बन रहे 125 मीटर लंबे और छह मीटर चौड़े स्टील गार्डर पुल निर्माण के लिए बृहस्पतिवार से फाइल फाउंडेशन टेस्टिंग शुरू होगी।
वर्ष 2021 में तत्कालीन विधायक कैलाश गहतोड़ी की पहल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ईपीसी मोड पर पुल निर्माण की घोषणा की थी। 15 अक्तूबर 2022 को इस पुल की आधारशिला रखी गई थी। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग की ओर से पुल निर्माण का ठेका देहरादून की केजीएल इन्फ्राट्रेक्चर कंपनी को सौंपा गया है।
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यह होती है दिक्कत
बरसात के दिनों में किरोड़ा नाले के उफान से थ्वालखेड़ा, गैंड़ाखाली, खेतखेड़ा, उचौलीगोठ, चिलियाघोल, बसानीगोठ आदि गांवों का टनकपुर से सड़क संपर्क कट जाता है। पूर्णागिरि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
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पुल का निर्माण शुरू होने से ग्रामीण खुश
किरोड़ा नाले पर पुल का निर्माण शुरू होने से ग्रामीण खुश हैं। ग्राम प्रधान दीपा बोहरा, भवानी देवी, पूजा महर, निर्मला सामंत, पूर्व प्रधान सतीश पांडेय, गिरीश चंद्र जोशी, पूर्णागिरि मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय, नरेश सकारी आदि ने इसके लिए सरकार का आभार जताया है।
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ठेकेदार ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए जरूरी संसाधन निर्माण स्थल पर पहुंचा दिए गए हैं। - लक्ष्मण सिंह सामंत, एई, लोक निर्माण विभाग