मंच में हैंड पंप से पानी भरते लोग। संवाद
मंच/चंपावत। सीमांत मंच और इसके आसपास के तीन गांवों के करीब 150 से अधिक परिवार बीते चार महीने से पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई पंपिंग योजना धूल खा रही है। करीब 80 लाख रुपये से बनी पंपिंग योजना अब शोपीस बन गई है। विभाग न तो पंपिंग योजना ठीक कर पाया और ना ही गांव के पुराने जल स्रोतों को दुरुस्त कर सका है। गांव में हर घर नल तो लगे हैं, लेकिन उनमें एक बूंद भी पानी नहीं आता। मजबूरी में लोग हैंडपंपों पर निर्भर हैं।
स्थानीय दीपक ने कहा कि सरकार ने हर घर नल देने का सपना तो दिखा दिया लेकिन पानी कहां से आएगा, यह किसी को नहीं पता। चार महीने से हालत खराब है। गांव के लोगों और सीमांत मंच के प्रतिनिधियों ने विभाग और प्रशासन से जल्द पंपिंग योजना को चालू कराने की मांग की है। स्थानीय राजेंद्र सिंह ने कहा कि गांव के जल स्रोतों की सफाई और मरम्मत कराई जाए, इससे लोगों को अधिक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
जिल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस का कहना है कि मंच वाले पंप के पैनल में कुछ नमी थी। इस कारण दिक्कत आई है। एक दो दिन में पंप चालू कर दिया जाएगा।