रिवर ट्रेनिंग नीति के तहत नायकगोठ और थ्वालखेड़ा के बीच किरोड़ा नाले में खनन के पट्टे आवंटित किए जाने की कार्रवाई से भड़के ग्रामीणों ने सोमवार को तहसील में विरोध-प्रदर्शन किया। उन्होंने गांवों की सुरक्षा को ताख में रख किसी भी सूरत में खनन नहीं होने देने की बात कही है। चेतावनी दी कि खनन कराने का प्रयास हुआ तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से रिवर ट्रेनिंग नीति के तहत पिछले दो साल से किरोड़ा नाले में खनन कराने की कोशिश की जा रही है। गत वर्ष ग्रामीणों के विरोध के चलते खनन नहीं हो पाया लेकिन इस बार फिर खनन के पट्टों की नीलामी के लिए प्रशासन ने निविदा निकाली है। 12 फरवरी को तहसील कार्यालय में खनन पट्टों की नीलामी तय है। प्रशासन की इस कार्रवाई से नायकगोठ और थ्वालखेड़ा के ग्रामीणों में खासा गुस्सा बना हुआ है।
एसडीएम ने बैठक कर ग्रामीणों को खनन के पक्ष में तैयार करने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण नहीं माने। खनन के पट्टों की नीलामी की कार्रवाई के खिलाफ ग्राम प्रधान दीपा बोहरा, भवानी देवी और पूर्व सांसद प्रतिनिधि नरेश सकारी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने तहसील में प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंप खनन पट्टों की नीलामी रद किए जाने की मांग की।
प्रदर्शन में विशाल सिंह, नेहा पांडेय, हीरा देवी, पुष्पा देवी, सूरज खंपा, नारायण महर, सुंदरी देवी, कमला नेगी, विमला नेगी, ाशा नेगी, ईश्वरी, गणेश सिंह, ईश्वरी दत्त, विपीन जोशी, गिरीश शर्मा, प्रकाश चंद्र, सुनी कलौनी, देव सिंह, गणेश पांडेय, हेमा सुंदर सिंह, हेम चंद्र नेगी, भीम सिंह, दयाकिशन आदि थे।