चंपावत। जिले में गौड़ी पावर हाउस में अगले माह से पुन: बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसके क्षतिग्रस्त पावर हाउस की नहर और भूमिगत टनल की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) और देहरादून की एक निजी कंपनी के बीच हुए अनुबंध के आधार पर पावर हाउस से रोजाना 200 किलोवाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा जिसे सब स्टेशन के माध्यम से पावर ग्रिड को बेचा जाएगा। इसके लिए जिला मुख्यालय स्थित ऊर्जा निगम के 33 केवीए सब स्टेशन से गौड़ी पावर हाउस तक नई बिजली की लाइन बिछाई गई है।
गौड़ी में वर्ष 1960 में लघु जल विद्युत निगम ने पावर हाउस बनाया था। यहां उत्पादित बिजली से चंपावत, लोहाघाट नगर समेत एबट माउंट और मायावती आश्रम को आपूर्ति की जाती थी लेकिन बाद में ग्रिड लाइन बनने के बाद उचित रखरखाव के अभाव में वर्ष 1995 में गौड़ी पावर हाउस बंद हो गया था। इसलिए शासन ने गौड़ी पावर हाउस के संचालन का कार्य लघु जल विद्युत निगम से वापस लेकर उरेडा को सौंप दिया।
उरेडा की परियोजना अधिकारी चांदनी बंसल ने बताया कि गौड़ी पावर हाउस को दोबारा से शुरू करने के लिए उरेडा और देहरादून की हरिओम कंस्ट्रक्शन कंपनी के बीच अनुबंध हुआ है। इस आधार पर यह पावर हाउस कंपनी को 35 साल की लीज पर सौंप दिया गया है। कंपनी बंद पड़े गौड़ी पावर हाउस की नहर और टनल की मरम्मत का कार्य जनवरी 2021 में शुरू किया था। करीब पांच करोड़ की लागत का यह कार्य अब पूरा हो गया है। अक्तूबर अंतिम सप्ताह तक वहां बिजली उत्पादन फिर से शुरू हो जाएगा।
गौड़ी में 27 साल बाद फिर होगा बिजली उत्पादन
चंपावत। जिले में 1995 से ठप पड़े गौड़ी पावर में 27 साल के लंबे अंतराल के बाद फिर से बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा। आने वाली दीपावली तक लोगों को यहां उत्पादित बिजली का लाभ मिलने की उम्मीद है। गौड़ी पावर हाउस से बिजली उत्पादन फिर से शुरू होने के बाद इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा।