आशा कार्यकत्रियों ने निकाला जुलूस
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चंपावत। नियमित मानदेय और वार्षिक प्रोत्साहन राशि की मांग को लेकर आशा वर्कर्स ने बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय में विरोध, प्रदर्शन किया। उन्होंने मोटर स्टेशन से जोरदार नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
आशा वर्कर्स का कहना था कि राज्य सरकार की ओर से आशाओं से मातृ-शिशु मृत्यु दम में कमी, पल्स पोलियो अभियान, परिवार कल्याण, मलेरिया सर्वे, ओआरएस वितरण, महिला हिंसा पर निगाह रखने, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना से लेकर आपदा ट्रेनिंग तक दी जा रही है लेकिन मासिक मानदेय या वेतन नहीं दिया जा रहा है।
रुकमणी जोशी के नेतृत्व में एकजुट आशा वर्कर्स का कहना था कि तमाम काम लेने के बावजूद उन्हें न्यूनतम मानदेय ही दिया जा रहा है। दुर्घटना बीमा तक नहीं किया गया है। आशा वर्कर्स ने परिवार नियोजन के साधनों का नामकरण आशाओं के नाम पर करने पर भी आपत्ति जताई।
आशाओं का कहना है कि घोर आर्थिक तंगी से जूझ रही आशा वर्कर्स का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें मानदेय आदि की सुविधा देने के बजाए सरकार हतोत्साहित कर रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने डायरिया नियंत्रण, जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़े का विरोध जारी रखते हुए 24 जुलाई तक बेमियादी कार्यबहिष्कार का एलान भी किया। इनमें पुष्पा जोशी, भावना बोहरा, दीपा भंडारी, सुनीता जोशी, संगीता प्रहरी, चंद्रा पांडेय आदि आशा वर्कर्स शामिल रहीं।