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समस्याओं को लेकर सड़क में उतरे सीमांत के ग्रामीण

Mon, 29 Aug 2016 11:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
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चंपावत में जुलूस निकालते तल्लादेश विकास महा पंचायत संघ। - फोटो : अमर उजाला
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 जिले के सीमांत तल्लादेश तामली क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सोमवार को जिला मुख्यालय में जुलूस निकाल प्रदर्शन किया। जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर मोटर स्टेशन में हुई जनसभा में वक्ताओं ने आजादी के 70 सालों बाद भी सीमांत क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के लिए राज्य सरकार पर निशाना साधा। वक्ताओं का कहना था कि अब क्षेत्र के लोग अपनी मांगों को लेकर चैन से नहीं बैठेंगे। आने वाले विधानसभा चुनाव में क्षेत्र में आने वाले हर प्रत्याशी से हिसाब लिया जाएगा।
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वक्ताओं ने क्षेत्र में उच्च शिक्षा केंद्र न होने पर रोष प्रकट किया। साथ ही तल्लादेश में मोबाइल टावर लगाए जाने, स्वीकृत उप तहसील का निर्माण किए जाने, मंच-बकोड़ा, मंच-दुबडजैनल, बसौटी-रौकुंवर-नीड़, सिमियाउरी-आमनी, लेटी-आमड़ा, बिरमोला-गढ़मुक्तेश्वर, तामली से कारी और मिट्टीखाल से सौराई तक सड़क निर्माण, धौन-सल्ली और सिमल्टा-कांडा सड़क में डामरीकरण, तामली, पोलप और मंच में पेयजल और सिंचाई के लिए नलकूप की स्थापना, क्षतिग्रस्त बिजली लाईनों का निर्माण, छूटे तोकों में विद्युतीकरण, स्वास्थ्य केंद्र और इंटर कॉलेज मंच में रिक्त पदों में नियुक्तियां किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया। चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो 23 सितंबर से डीएम कार्यालय में धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर पूर्व प्रमुख पुरुषोत्तम जोशी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य कांति बल्लभ शास्त्री, पूर्व बीडीसी सदस्य दलीप सिंह महर, ग्राम प्रधान महेश पुनेठा, छात्र नेता योगेश पुनेठा, जिला पंचायत सदस्य बसंत पुनेठा, छात्र संघ अध्यक्ष कमल रावत और भाजपा नेता मदन सिंह महर आदि ने विचार रखे। संचालन विपिन पुनेठा ने किया। 

नाराज ग्रामीणों ने किया एडीएम का घेराव
चंपावत। जिला पंचायत सदस्य बसंत पुनेठा और भाजपा नेता मदन सिंह महर के नेतृत्व में डीएम को ज्ञापन देने जिला कार्यालय पहुंचे ग्रामीण वहां डीएम को न पाकर आग बबूला हो गए। ग्रामीणों से ज्ञापन लेने आए एडीएम जेएस राठौर का घेराव कर रोष प्रकट किया और उन्हें ज्ञापन नहीं सौंपा। आंदोलनकारियों का कहना था कि पूर्व में सूचित किए जाने के बाद भी डीएम मौके पर मौजूद नहीं रहे। उनका कहना है कि क्षेत्रीय विधायक के इशारे पर ऐसा किया गया है। जिसका विरोध किया जाएगा। उधर, जिला प्रशासन का कहना है कि डीएम डॉ. अहमद इकबाल को बनबसा में इंडो-नेपाल के अधिकारियों की बैठक में शामिल होना था।
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