जिले के बहुउद्देशीय पंचेश्वर बांध परियोजना को लेकर शासन की ओर से जारी किए गए नए ड्राफ्ट के बाद भी शासन-प्रशासन की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। वाप्कोस कंपनी की डीपीआर को खारिज कर नए ड्राफ्ट के जारी होने के बाद बांध विरोधी स्वर भी तेज हो गए हैं।
हालांकि बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों के लोग आपस में बैठक कर नए ड्राफ्ट के संबंध में रायशुमारी तो अवश्य कर रहे हैं, लेकिन नए ड्राफ्ट में पुनर्वास और विस्थापन के लिए नए मानक तय किए जाने के बाद भी ग्रामीण नए प्रावधानों में और संशोधन चाह रहे हैं। ग्रामीण अपने पूर्वजों की विरासत और निजी परिसंपत्तियों को खोने के बदले मुंहमांगी कीमतें चाह रहे हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों की ग्राम पंचायतों में जन सुनवाई के लिए आयोजित की जा रही खुली बैठकों में ग्रामीणों के विरोध जताने का सिलसिला जारी है। गौरतलब है कि वर्षों से लंबित चल रही पंचेश्वर बांध परियोजना के निर्माण के लिए करीब दो माह पूर्व वाप्कोस कंपनी की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जारी की गई थी।
इसके बाद बांध से प्रभावित होने वाले तीन जिलों चंपावत, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में प्रभावित परिवारों के लिए जन सुनवाई का आयोजन किया गया। जन सुनवाई में वाप्कोस कंपनी की ओर से तैयार की गई डीपीआर को लेकर काफी सवाल उठने और हो हल्ला मचने के बाद शासन ने हाल फिलहाल वाप्कोस कंपनी की डीपीआर को अलग रखते हुए नया पुनर्वास और विस्थापन (आरआर ड्राफ्ट) मसौदा तैयार किया है, जिसको लेकर ग्रामीण आशंकित हैं।
खुली बैठकों में ग्रामीण बांध बनाने का विरोध तो नहीं कर रहे हैं, लेकिन विस्थापन और पुनर्वास के लिए अपनी संपत्तियों का मनमाफिक मूल्य दिए जाने की वकालत अवश्य कर रहे हैं। डीएम डॉ. अहमद इकबाल के अनुसार पंचेश्वर बांध परियोजना के नए आरआर ड्राफ्ट के अनुसार प्रभावित क्षेत्र में बेनाप भूमि पर बनी संरचनाओं के लिए क्षतिपूर्ति मकानों, घराट, टैंक, गूल, चहारदीवारी, गोबर गड्ढा आदि संपत्तियों के लिए क्षतिपूर्ति का भुगतान लोक निर्माण विभाग के मानदंडों पर उनके मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा।
इसके अलावा प्रभावित परिवारों को पेड़ों के लिए क्षतिपूर्ति का भुगतान राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार और बागवानी विभाग के मूल्यांकन के अनुसार किया जाएगा। पंचेश्वर बांध परियोजना के लिए तैयार किए गए नए आरआर ड्राफ्ट में कृषि भूमि के बदले नकद राशि लेने वाले प्रभावित परिवारों को पुनर्वास स्थल पर 250 वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था भी की गई है।
बांध विरोधियों पर नजर रखने को अभिसूचना विंग सक्रिय
बीते दिनों ऊधमसिंह नगर में पकड़े गए माओवादियों से पूछताछ में हुए खुलासे में पंचेश्वर बांध के विरोध की बात उजागर होने पर सुरक्षा के लिए पुलिस की अभिसूचना विंग को सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक आरसी राजगुरु के अनुसार पंचेश्वर बांध के विरोध में होने वाले प्रदर्शनों और अन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अभिसूचना विंग को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
विस्थापन के लिए स्थान का पता नहीं
भले ही केंद्र और राज्य सरकार की ओर से पंचेश्वर बांध परियोजना के निर्माण को लेकर तेजी से कार्य किया जा रहा है। लेकिन अब तक यह तय नहीं हो सका है कि प्रभावित परिवारों का विस्थापन और पुनर्वास किस स्थान पर होगा। डूब क्षेत्र में आने वाले ग्रामीण जहां सभी परिवारों को एक साथ एक ही स्थान में बसाने की मांग कर रहे हैं, वहीं विस्थापितों के पुनर्वास के लिए जमीन की उपलब्धता को लेकर असमंजस बरकरार है।