चंपावत। सीमांत तल्ला देश का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंच में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। पीएचसी का संचालन लंबे समय से एएनएम भवन में किया जा रहा है। पीएचसी में मंच, दुबड़जैनल, गुरुखोली, नीड़, हरम, रमैंला, बकोड़ा, सौराई ग्रामसभाओं की करीब 15 से 20 हजार की आबादी स्वास्थ्य सुविधा के पीएचसी मंच पर निर्भर है लेकिन पर्याप्त संसाधनों के अभाव में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कई बार आपात स्थिति में गर्भवतियों को प्रसव के लिए 32 किमी दूर जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों और खराब रास्तों के कारण यह सफर कई बार जानलेवा भी साबित हो जाता है। दर्द में कराहते मरीज या प्रसव पीड़िता के लिए सफर आसान नहीं होता हैं। कई बार जान आफत में भी आ जाती है। गनीमत है अभी तक कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। क्षेत्र के लोग लंबे समय से लगातार विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती और पीएचसी भवन बनाने की मांग करते आ रहे हैं।
अस्पताल भवन की उपलब्धता के लिए पूर्व में प्रस्ताव भेजा गया है। क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। प्रसव सुविधा के लिए एएनएम तैनात की गई है। अन्य जरूरी सेवाएं शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। - डॉ. देवेश चौहान, सीएमओ, चंपावत
वर्तमान में गर्भवतियों को गंभीर स्थिति में प्रसव के लिए चंपावत जिला अस्पताल जाना पड़ता है। आने-जाने में समय और धन की बर्बादी होती है। यदि स्थानीय अस्पताल में प्रसव के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की सुविधा मिलने लगे तो बड़ी राहत होगी। भवन छोटा होने के कारण मरीजों के बैठने की भी उचित व्यवस्था नहीं है। - विजय नाथ सिंह, स्थानीय मंच
पीएचसी मंच के एएनएम भवन में संचालित हो रहा है। 20 ग्रामसभाओं की लगभग 15 हजार की आबादी का स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक ही केंद्र पर निर्भर होना अपने आप में बड़ी जिम्मेदारी है। प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और भवन व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की जरूरत है। बरसात के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। -चंदन जोशी, स्थानीय मंच