चंपावत। पहली अप्रैल से महंगाई का मीटर तेजी से चल रहा है। बिजली से लेकर पानी तक में भारी बढ़ोतरी की गई है। चंपावत जिले में ही सिर्फ पानी और बिजली पर उपभोक्ताओं को 2023-24 में चार करोड़ ग्यारह लाख रुपये अधिक देने होंगे। घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक से लेकर हर श्रेणी की बिजली महंगी हुई है। बिजली की कीमत में करीब नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
ऊर्जा निगम के ईई एसके गुप्ता का कहना है कि 2022-23 में सैंतीस करोड़ सत्रह लाख रुपये के राजस्व का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष सैंतीस करोड़ बयासी लाख रुपये की वसूली हुई है। अब बिजली की कीमत बढ़ने से इतनी ही बिजली की खपत के लिए तीन करोड़ चौंतीस लाख रुपये ज्यादा चालीस करोड़ इक्यावन लाख रुपये देने होंगे।
वहीं जल मूल्य में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जल संस्थान के ईई विलाल यूनुस ने बताया कि 2022-23 में संस्थान ने पांच करोड़ चौदह लाख रुपये वसूली का लक्ष्य था, इसके सापेक्ष 95 प्रतिशत से अधिक वसूली हुई है। अब इस साल पानी पर सतहत्तर लाख रुपये अधिक देने होंगे। बिजली-पानी ही नहीं, बुखार से लेकर रक्तचाप, दिल की बीमारी सहित 800 से अधिक जरूरी दवाओं की कीमतों में 12.12 प्रतिशत वृद्धि मरीजों को परेशान करेगी। डिजिटल इंडिया के सपने को भी झटका लगेगा। दो हजार रुपये से अधिक के डिजिटल लेनदेन पर 1.10 प्रतिशत सरचार्ज लगेगा।
गैस सिलिंडर के दाम में कमी
चंपावत। पहली अप्रैल से महंगाई की मार के बीच रसोई गैस सिलिंडर के दाम में बढ़ोतरी नहीं हुई है। व्यावसायिक गैस सिलिंडर में 88 रुपये की कमी हुई है। अब 19 किलो का व्यावसायिक सिलिंडर 2,117 रुपये में मिलेगा जबकि 14.2 किलो का घरेलू गैस सिलिंडर पहले की तरह 1,140.50 रुपये का है। इसी तरह पांच किलो वाला सिलिंडर भी पहले की तरह 420 रुपये का मिलेगा।
तल्लापाल सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में एक भी बैंक की शाखा नहीं है। ऐसे क्षेत्र के लोग मोबाइल नेटवर्किंग होने पर डिजिटल लेनदेन करते थे। अब इस पर भी करारी चपत लगेगी।
- पंडित शंकर जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता, सूखीढांग।
पानी की आपूर्ति नाममात्र के लिए होती है लेकिन बिल में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है और अब 15 प्रतिशत बढ़ोतरी गलत है। - मंजू अधिकारी, दुर्गा मां स्वयं समूह, ढकना बडोला, चंपावत।
पानी और बिजली की कीमतों में बेतहाशा इजाफा जीना दूभर कर रहा है। ये बिल पहले ही काफी था लेकिन अब तो इस वृद्धि ने कमर ही तोड़ दी है। - नेत्रबल्लभ तिवारी, त्यारकुड़ा, चंपावत।
दवाओं की कीमतों में वृद्धि होने से मरीजों पर असर पड़ेगा। अस्पताल का खर्च तो नहीं बढ़ेगा लेकिन दवाओं की वजह से इलाज महंगा होगा। - दीपक जोशी, निजी अस्पताल, चंपावत।