उज्वला पुनर्वास केंद्र के कार्यकर्ताओं से समस्याओं पर वार्ता करती राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष क
चंपावत। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल का कहना है कि महिलाओं को सशक्त बनाकर देवभूमि को देवीभूमि बनाया जाएगा। यहां कलक्ट्रेट में उन्होंने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि इसके लिए सबसे पहले महिलाओं का उत्पीड़न रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। आयोग महिला खिलाड़ियों, छात्राओं सहित विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
कंडवाल ने कहा कि प्रदेश की महिला नीति का प्रारूप बनाया जा रहा है। अगले कुछ महीनों में ये नीति तैयार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से अलग राज्य बनने के बाद उत्तराखंड में महिला अपराध कुछ बढ़े हैं लेकिन इसकी एक वजह महिला जागरूकता बढ़ने से महिला उत्पीड़न के मामले थाने तक पहुंचना भी है। पहले ये मामले दर्ज नहीं होते थे। घरेलू हिंसा से बचाव पर भी जोर दिया गया है। विशाखा निर्देश का पालन करा आयोग इसके दुरुपयोग की रोकथाम के लिए भी उपाय कर रहा है। वार्ता में ब्लॉक प्रमुख संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष विनीता फर्त्याल भी मौजूद थीं। इससे पहले उन्होंने उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र का भी निरीक्षण किया।