पूर्णागिरि (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में शारदीय नवरात्र के लिए मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सड़क, पेयजल समेत अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर करा दिया गया है। मुख्य मंदिर से लेकर काली मंदिर तक के क्षेत्र को फूल माला और चुनरी से सजाया गया है।
मान्यता है कि अन्नपूर्णा चोटी पर माता सती की नाभि गिरी थी। इसके बाद इस स्थल पूर्णागिरि शक्तिपीठ के रूप में पहचान मिली। वर्ष 1632 में गुजरात से आए श्रीचंद तिवारी को एक रात सपने में मां पूर्णागिरि ने दर्शन दिया और नाभि स्थल गिरने के स्थान पर मंदिर बनाने का आदेश दिया। तब श्रीचंद तिवारी ने वर्ष 1632 में यहां मंदिर की स्थापना की।
इधर, मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी ने बताया कि धाम में नवरात्र के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जल संस्थान के सहायक अभियंता बीएस कुवार्बी ने बताया कि पेयजल लाइनें ठीक कर दी गई हैं। जेष्ठ ब्लॉक प्रमुख पंडित भुवन पांडेय ने प्रशासन से मेले को शांतिपूर्वक संपन्न कराने का आग्रह किया है। संवाद