चंपावत। जिला अस्पताल में 24 अक्तूबर को स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों का रोस्टर खत्म हो गया हैं, लेकिन 10 दिन बाद भी अस्पताल में विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हुई है। इससे गंभीर मामले में प्रसव कराना आसान नहीं हो रहा है।
जुलाई के अंतिम सप्ताह से तीन जिलों की नौ स्त्री रोग विशेषज्ञों की रोस्टर वार ड्यूटी लगाई थी। अस्पताल में गर्भवतियों का सामान्य प्रसव अस्पताल में एलएमओ कर रही हैं।
इससे गर्भवतियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। अस्पताल से इसको लेकर 10 दिन पहले स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर डीजी कुमाऊं, महानिदेशक देहरादून को पत्र भेजकर जानकारी दी थी। शासन ने 25 जुलाई को आदेश जारी कर 24 अक्तूबर तक रोस्टर बनाकर जारी किया था।
इसके बाद नौ स्त्री रोग विशेषज्ञों को जनहित में तात्कालिक प्रभाव से जिला चिकित्सालय चंपावत में कार्य करने के लिए रोटेशन के अनुसार अनिवार्य रूप से तैनात करने के आदेश दिए। अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने से गर्भवती महिलाएं परेशान हैं। उन्हें प्रसव करने के लिए निजी अस्पताल या फिर अन्य जिलों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
सीएमओ डॉ. देवेश चौहान का कहना है कि जिला अस्पताल में 24 अक्तूबर को रोटेशन समाप्त हो गया है। इसकी शासन स्तर पर पूर्व में ही जानकारी दी थी। अस्पताल में सामान्य प्रसव अस्पताल की एलएमओ कर रही हैं। गंभीर मामलों में बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ के रेफर करना मजबूरी होगा। इसके लिए शासन को पत्र भेज दिया है।