पीपीपी मोड संचालित सीएचसी में शनिवार को गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड न होने के कारण हंगामा हो गया। एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद आठ महिलाओं के अल्ट्रासाउंड हुए।
शनिवार सुबह से ही हो रही भारी बारिश के बावजूद रोज की तरह तीलू रौतेली पुरस्कार प्राप्त रीता गहतोड़ी अस्पताल में मरीजों का हालचाल जानने पहुंची। इसी दौरान बाराकोट, पाटी, लोहाघाट आदि क्षेत्र की 25 महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए आई थी। महिलाओं को परेशान देख रीता के पूछने पर उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए मना कर दिया। रीता ने बताया कि स्त्रीरोग विशेषज्ञ डा.सुपर्णा मित्तल ने अल्ट्रासाउंड करने से मना किया था।
इस पर उन्होंने डॉक्टर से अल्ट्रासाउंड करने का आग्रह कर कहा कि दो सप्ताह में अल्ट्रासाउंड के लिए नंबर आने के बाद ही महिलाएं आई हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं मानी, इस पर वहां हंगामा होने लगा। इसी बीच एक अन्य डॉक्टर वहां पर रीता से उलझने लगा। रीता ने इसकी जानकारी डीएम डा.अहमद इकबाल, एसडीएम सीएस डोबाल और विधायक पूरन सिंह फर्त्याल को दी।
विधायक ने एसडीएम को हालातों की जानकारी दी। इसके बाद सीएचसी के प्रबंधक, डॉक्टर और रीता एसडीएम कार्यालय गए, जहां एसडीएम ने सीएचसी प्रबंधन को इलाज के मामले में कतई लापरवाही न बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि जब से उन्होंने यहां चार्ज लिया है, तब से सीएचसी में कई बार लापरवाही के मामले उजागर हुए हैं। उन्होंने तुरंत महिलाओं के अल्ट्रासाउंड करने के निर्देश दिए। बाद में खेतीखान से आई नेहा, रेगड़ू बाराकोट की पूजा, मिर्तोली की रेखा, काकड़ से आई रीता, लोहाघाट की सुनीता, सरिता, कमला समेत आठ महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया गया।