सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को पीपीपी मोड से हटाने और ट्रॉमा सेंटर शुरू करने की मांग को लेकर धरना 23वें दिन भी जारी रहा। तहसील परिसर में वन पंचायत भवन के बाहर चल रहे धरना को विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने भी समर्थन दिया।
विधायक का कहना था कि क्षेत्रीय लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
मंगलवार को सुंई गांव के लोगों ने जुलूस निकालकर आंदोलन को समर्थन दिया। 75 वर्षीय हरिदत्त चौबे, 74 वर्षीय कमलापति गरसाड़ी, 72 वर्षीय कृष्णानंद चौबे के नेतृत्व में सुंई गांव के लोग नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर में पहुंचे, जहां उन्होंने आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
धरना देने वालों में प्रकाश जोशी, रीता गहतोड़ी, रघुवर दत्त तिवारी, कैलाश पांडेय, महेश चंद्र गरसाड़ा, शेखरानंद खर्कवाल, रमेश चंद्र तिवारी, मथुरादत्त चौबे, हरीश चंद्र चौबे, ललित चनकन्याल, आनंद बल्लभ तिवारी, सुनील चौबे, भुवन चौबे, नवीन चौबे, योगेश ओली, कमलापति गरसाड़ी, सचिन जोशी, पूरन उप्रेती, राजेश चौबे, मदन पुजारी, प्रकाश चंद्र चौबे, बसंत बल्लभ चौबे, देवकी नंदन चौबे, रमेश चौबे, प्रकाश चौबे, कीर्ति चौबे, चंद्रकांत चौबे आदि शामिल थे। व्यापार संघ अध्यक्ष भैरव राय, पीएस मेहता, सचिन जोशी, रीता गहतोड़ी का कहना था कि दो सूत्रीय मांगे पूरा न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।