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चंपावत जिले के पहाड़ में सात घंटे गुल रही बिजली, परेशान रहे लोग

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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला के पास मलबा आने से फंसे यात्री और वाहनों की कतार? - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में रविवार को दिनभर बिजली आपूर्ति ठप रही। करीब सात घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। शाम साढ़े पांच बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो गई।
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जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर-बनबसा को छोड़ चारों ब्लॉकों चंपावत, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट में रविवार सुबह सवा दस बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक आपूर्ति ठप रही। इस दौरान कई कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा।
ऊर्जा निगम के ईई एसके गुप्ता ने बताया कि चंपावत, लोहाघाट, बाराकोट, खेतीखान, देवीधुरा क्षेत्र की 33 केवी की लाइनों के अनुरक्षण कार्य की वजह से पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) ने कटौती की थी। बारिश के बाद अभी चंपावत जिले के तीन गांवों नेत्र सलान, बेट्टा, कठौल की बिजली आपूर्ति ठप है। वहां की खामी दूर करने के बाद सोमवार तक बिजली आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है।
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स्वांला पर आया मलबा, पौन घंटे बंद रहा राष्ट्रीय राजमार्ग
चंपावत। जिले में रविवार को मौसम साफ था। इसके बावजूद भूस्खलन के दौरान स्वांला के पास आए मलबे से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग करीब 45 मिनट तक बंद रहा। सुबह 11 बजे मलबा आने से सड़क बंद हो गई। इस दौरान काफी संख्या में वाहन फंसने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। बाद में 11:45 बजे मलबा हटाने के बाद सड़क से आवाजाही सुचारु हो सकी।
चंपावत जिले की 10 सड़कें बंद
सूखीढांग-डांडा-मीडार, कामाल्यूला-भनार, लिट्टी-हिचौड़ा बांस, धौन-बड़ोली, चल्थी-नौलापानी, चमदेवल-निडिल, सिमलखेत-सिब्यौली, बैड़ाबेड़वाल-सूंगरखाल, रीठा-रमक, टाक खंदक-करौली सड़क।
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