दस सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीण डाक सेवक संघ की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के 83 शाखा डाकघरों में लेनदेन, रजिस्ट्री आदि काम नहीं होने से लोगों को भारी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण डाक सेवकों ने कहा कि शीघ्र मांगें नहीं मानने पर लोकसभा चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को सबक सिखाएंगे।
बृहस्पतिवार को उप डाकघर लोहाघाट में किशोर चंद्र पांडेय की अध्यक्षता और मंडलीय सचिव चरन सिंह बिष्ट के संचालन में हुई सभा में उपेक्षा पर गहरी नाराजगी जताई गई। मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया गया। विरोध प्रदर्शन करने वालों में मंजू बोहरा, हयात सिंह बिष्ट, भगवान विश्वकर्मा, बलदेव भट्ट, रमेश राय, राकेश सिंह आदि डाक कर्मी शामिल थे।
हड़ताल के चलते चंपावत के 25, लोहाघाट के 21, बाराकोट के 12, खेतीखान, गुरना के आठ-आठ, पाटी, देवीधुरा के पांच-पांच शाखा डाकघरों का काम प्रभावित हुआ है। डाक निरीक्षक बीएमएस ऐरी ने बताया कि हड़ताल के चलते इन तीन दिनों में विभिन्न शाखा डाकघरों में करीब 1.50 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
ये हैं ग्रामीण डाक सेवक संघ की मांगें
कमलेश चंद्रा कमेटी की सिफारिशों को पूर्ण रूप से लागू करना, जीडीएस कमेटी रिपोर्ट को एक जनवरी 2016 से लागू करने, ग्रेच्युटी सीमा डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख करने, 12 वर्ष-24 वर्ष, 36 वर्ष के सेवाकाल के बाद जीडीएस कर्मियों को अतिरिक्त वार्षिक वृद्धि देने, शाखा डाकघरों और जीडीएस को आठ घंटे का काम देने, एकल कर्मी वाले डाकघरों में एक कर्मी की और तैनाती कर अपग्रेड करने, शाखा डाकपालों के कंपोजिट भत्ते को 500 से बढ़ाकर 1600 रुपये करने की मांग।