टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र से लगे चूका क्षेत्र में पर्यटकों को अब नैसर्गिक सौंदर्य को निहारने के लिए ठहराने की जिला प्रशासन की पहल अब रंग लाने लगी है। एनएचपीसी की ओर से सीएसआर फंड से चूका में पर्यटक आवास गृह बनाने के लिए 2.31 करोड़ रुपये की स्वीकृत मिल गई है। वर्ष 2026 में निर्माण पूरा किया जाना है। इसके बाद पर्यटक आवास गृह में रुक कर एंगलिंग, जंगल, पहाड़, शारदा नदी के किनारे पर्यटन का लुत्फ उठा सकेंगे।
बता दें कि चूका क्षेत्र अंग्रेजों के दौर में अंग्रेज वन विभाग के गेस्ट हाउस में रुक कर शिकार करते थे। प्रसिद्ध शिकारी जिम कार्बेट भी इस क्षेत्र में आए थे। यह क्षेत्र काली नदी के किनारे है और नदी में विशाल कैटलफिश और सुनहरी महासीर मछली बहुतायत में है। राज्य गठन के बाद से यहां एंगलिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्र होने से चूका में पर्यटकों के ठहरने के लिए उचित प्रबंध की आवश्यकता बनी हुई थी। डीएम नवनीत पांडेय ने पर्यटकों के चूका में रुकने के लिए पर्यटक आवास निर्माण की पहल को आगे बढ़ाया।
एनएचपीसी के उप महाप्रबंधक सिविल विश्व प्रताप सिंह ने बताया कि एनएचपीसी की ओर से काॅपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व फंड से धन आवंटित हो गया है। जिला प्रशासन की ओर से भूमि भी मिल चुकी है। पर्यटक आवास में 15 कमरे, एक डोरमेट्री, एक बैठक सभागार बनाया जाना है। बहरहाल, निकट भविष्य में चूका में यात्री निवास बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जग गई है।