बाटनागाड़ में मलबा आने के बाद से दिन में बंद पूर्णागिरि धाम के कपाट। संवाद
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम के कपाट रात में ही नहीं अब दिन में भी बंद हैं। ये नौबत चार जुलाई से बाटनागाड़ में आए मलबे की वजह से है। इस दौरान सिर्फ सुबह और शाम को पूर्णागिरि देवी का पूजन और आरती के लिए कपाट खोले जा रहे हैं।
15 जून को पूर्णागिरि धाम का सरकारी मेला निपटा। इसके बाद 24 जून से शाम सात बजे से सुबह छह बजे तक मुख्य मंदिर में दर्शन पर रोक लगाई गई थी। सिर्फ दिन के वक्त ही देवी दर्शन की अनुमति थी लेकिन पिछले दिनों की भारी बारिश और चार जुलाई से बाटनागाड़ मार्ग पर आए भारी मलबे से देवी दर्शन पर रोक लगाई गई है। इस वजह से धाम की अधिकांश दुकानें भी बंद हैं। पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी का कहना है कि मौसम के मद्देनजर पूर्णागिरि यात्रा नहीं हो रही है। इस कारण दिन में भी मुख्य मंदिर के कपाट बंद है। सुबह-शाम की आरती और पूजन के समय ही मंदिर को खोला जा रहा है।