चंपावत में राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्र हाल मछियाड़ निवासी की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान भाला लगने से मौत हो गई। मौत के बाद परिजन और परिवार में शोक का माहौल है। मां और तीनों बहनें भाई की मौत पर यकीन नहीं कर पा रहा है।
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राजकीय पॉलिटेक्निक का मृतक छात्र सोमेंद्र सिंह इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह बेहद सरल स्वभाव का था। पढ़ाई लिखाई में उसका अधिक ध्यान रहता था। अपने काम पर उसका ध्यान केंद्रित रहता था। उसका चयन अग्निवीर भर्ती की लिखित परीक्षा भी पास की थी। सरल स्वभाव के सोमेंद्र की मौत की खबर मिलने के बाद जूप क्षेत्र के साथ ही मछियाड़ से भी लोग पहुंचे। उसके जानने वाले की आंखें पूरी तरह नम थी। कोई भी अपने आंसू रोक नहीं पा रहा था। उसके पॉलिटेक्निक कक्षा के साथ छात्र भी इस घटना से हैरान परेशान थे। पूरा स्टाफ अस्पताल में डटा रहा। सोमेंद्र और उसकी तीन बहने मां के साथ करीब पांच साल पूर्व चंपावत आ गया था। उसने चंपावत से ही इंटर की पढ़ाई की थी। परिवार जूप क्षेत्र में किराये के मकान में रहता था। पिता भूपाल सिंह गुजरात में काम करते हैं। टनकपुर आमबाग निवासी मृतक के चाचा लक्ष्मण सिंह बोहरा ने बताया सोमेंद्र बहुत ही मिलनसार था। इधर अस्पताल में डीएम मनीष कुमार, एसडीएम सदर अनुराग आर्या, तहसीलदार बृजमोहन आर्या, सीओ देवेंद्र सिंह, सीएमओ डॉ. देवेश चौहान, दायित्वधारी मुकेश महराना, सभासद रविंद्र बिष्ट, कैलाश अधिकारी आदि अस्पताल पहुंचे।
तीन बहनों में सबसे बड़ा था सोमेंद्र
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चंपावत के गोरलचौड़ मैदान में फोरेंसिक टीम ने मौके पर जाकर जांच की। टीम ने ड्रोन और वीडियो फोटो लेकर घटना का बारीकी से अध्ययन किया। मृतक छात्र के गले में लगे भाले की वीडियो और फोटो लिए। कई देर तक टीम ने पूरी तरह से घटना स्थल में गहन जांच की। एसपी रेखा यादव, सीओ देवेंद्र सिंह, प्रभारी कोतवाल लक्ष्मण सिंह जगवाण भी घटना स्थल पर पहुंचे और जानकारी ली।
वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा था। 100 मीटर दौड़ की तैयारी हो रही थी। अनाउंसमेंट भी हो गया था। सभी छात्र तरफ जा रहे थे। खेलकूद का भी सामान वहीं पर रखा हुआ था। इसमें से एक छात्र ने रखा भाला उठाया और प्रैक्टिस करने लगा। इस दौरान कुछ बच्चे फुटबाल खेल रहे थे। सोमेंद्र अचानक भीड़ से हटके उस तरफ चला गया और फेंका गया भाला उसकी गर्दन पर लग गया। तुरंत ही उसे शिक्षक अस्पताल ले गए।
पॉलिटेक्निकपॉलिटेक्निकडॉ. हीरा सिंह ह्यांकी, पीएमएस, जिला अस्पताल।